संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पुलिस चौकी जुंडला की टीम ने जुंडला अनाज मंडी में राइस मिलों द्वारा सरकारी धान खुर्द-बुर्द करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
जुंडला पुलिस चौकी टीम ने 16 अक्तूबर को आरोपी ईश्वर दयाल बुधराम वासी बैंक कॉलोनी करनाल को गिरफ्तार किया था। आरोपी से प्रारंभिक पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी केएम फूड जुंडला, मैसेज बुधराम फूड्स जुंडला व आनंद फूड्स जुंडला तीनों राइस मिलों में हिस्सेदार है। तीनों फर्मों द्वारा सरकारी धान का उठान किया जाता है और उस धान से चावल निकाल कर सरकार को दिया जाता है, लेकिन आरोपी अन्य साथी हिस्सेदारों के साथ मिलकर सरकारी खरीद की अच्छी क्वालिटी का धान अन्य जगह छिपा कर रख देते थे और अलग-अलग राज्यों से सस्ते दाम पर हल्की क्वालिटी वाला धान खरीद कर सरकार का स्टॉक पूरा कर देते थे। इस प्रक्रिया से आरोपियों को मोटा मुनाफा होता था। आरोपियों ने सरकारी धान कहा छिपा रखा है, सस्ते दाम पर किस-किस जगह से कम गुणवत्ता वाला धान खरीद कर लाते थे, इस बारे में गहनता से पूछताछ की जाएगी। आरोपी के अन्य साथियों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
तीनों राइस मिलों में 39,539 क्विंटल कम मिला था धान
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने गुप्त सूचना के आधार पर तीनों राइस मिलों पर छापा मारा। रिकार्ड के अनुसार केएम फूड्स जुंडला को 41,835 क्विंटल धान, मैसेज बुधराम फूड्स जुंडला को 31,135 क्विंटल धान व आनंद फूड्स जुंडला को 33,784 क्विंटल धान अलॉट किया गया था, लेकिन केएम फूड्स जुंडला के स्टॉक में 23,378 क्विंटल धान कम, मैसेज बुधराम फूड्स जुंडला के स्टॉक में 26,249 क्विंटल धान कम व आनंद फूड्स जुंडला के स्टॉक में 17,588 क्विंटल धान कम पाया गया था। ऐसे में तीनों राइस मिलों को कुल 1,06,754 क्विंटल धान अलॉट हुआ था और उनके स्टॉक में 39,539 क्विंटल धान कम मिला था।
केएम फूड्स पर कट्टों से भरा ट्रक भी मिला था
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के निरीक्षण में अधिकारियों को धान कम मिलने के साथ केएम फूड्स जुंडला में एक ट्रक में कट्टों में चावल लोड मिला था। जिसमें सस्ते दाम पर बिहार से चावल खरीद कर लाने का खुलासा हुआ।
शक की सूई अधिकारी व कर्मचारियों की तरफ
तीनों राइस मिलों में चावल घोटाले का खुलासा होने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग व सीएम फ्लाइंग स्क्वायड ने संबंधित थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर करवा दिया है। राइस मिलों के बाद मार्केट कमेटी व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी शक के दायरे में आ चुके हैं, क्योंकि यह घोटाला बगैर अधिकारी, कर्मचारी की मिलीभगत के नहीं हो सकता। राइस मिलर अकेले इतना बड़ा घोटाला नहीं कर सकते। क्योंकि धान की आवक में गेट पास में धान का ज्यादा वजन दिखाकर खरीद की जा रही थी और उतना धान मिल में नहीं पहुंच रहा था।