चावल निर्यातकों की हड़ताल खत्म, अब निर्यातक खरीद के लिए स्वतंत्र
दिल्ली में अ.भा.चावल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने देर शाम तक केंद्रीय सचिवों से की बातचीत
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अखिल भारतीय चावल निर्यातक एसोसिएशन के बड़े पदाधिकारियों ने वीरवार को दिनभर केंद्रीय उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई। इसमें सभी ने ये भरोसा दिया कि एसोसिएशन की मांग पर गंभीरता से मंथन चल रहा है। इसके बाद देर शाम एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान नाथीराम गुप्ता ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित सभी बासमती चावल निर्यातकों को बासमती व उस श्रेणी की किस्मों के धान की खरीद के लिए स्वतंत्र कर दिया गया है। वह अपनी इच्छानुसार धान की खरीद कर सकते हैं। इधर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश की सरकारों ने भी केंद्र सरकार को इस मामले के शीघ्र निस्तारण के लिए लिखा है।
विदित हो कि 14 अक्तूबर को केंद्र सरकार ने बासमती चावल की निर्यात सीमा 1200 डालर प्रति मीट्रिक टन को बरकरार रखने का पत्र जारी किया तो 15 अक्तूबर से ही हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित सात बासमती उत्पादक राज्यों के बासमती चावल निर्यातकों ने बासमती व उसकी सभी श्रेणियों के धान की खरीद को बंद कर दिया था। इससे 1509, 1121 आदि किस्मों के भाव में गिरावट आ गई थी, जिसे स्थानीय चावल व्यापारी व राइस मिलर्स खरीद रहे थे। इधर, अखिल भारतीय चावल निर्यातक एसोसिएशन लगातार राइस मिलर्स, आढ़तियों आदि को भी साथ लेने का प्रयास कर रही थी, दूसरी ओर बासमती की निर्यात सीमा 850 कराने के लिए लगातार केंद्र सरकार पर दबाव भी बना रही थी। स्थानीय चावल व्यापारियों, राइस मिलर्स द्वारा लगातार बारीक धान खरीदारी जोरशोर से शुरू कर देने से केंद्र सरकार पर अपेक्षित दबाव नहीं बन पाया था। वीरवार को अखिल भारतीय चावल निर्यातक एसोसिएशन के अध्यक्ष नाथीराम गुप्ता, उपाध्यक्ष एवं हरियाणा राइस एक्सपोर्टर एसोसिएशन के राज्य प्रधान सुशील जैन, सतीश कुमार, पंकज गोयल आदि पदाधिकारियों ने केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा और केंद्रीय वाणिज्य सचिव से मुलाकात की। साथ ही बासमती चावल निर्यात सीमा को लेकर बातचीत की। बताया गया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बासमती निर्यात को शुरू कराने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जाने के लिए केंद्र सरकार को लिखा है।
नाथीराम गुप्ता ने बताया कि दोनों ही केंद्रीय सचिवों से विस्तार से बातचीत होने पर भरोसा मिला है कि निर्यात सीमा की फाइल पर ग्रुप मिनिस्ट्री में मंथन चल रहा है। शीघ्र ही सार्थक परिणाम सामने आएंगे, हालांकि अभी कोई समय सीमा नहीं बताई गई है, इसमें दो दिन भी लग सकते हैं और एक महीना भी। इसलिए एसोसिएशन ने देशभर के सभी बासमती चावल निर्यातकों को धान की खरीद के लिए स्वतंत्र कर दिया गया है। मौजूदा निर्यात सीमा और मिले आश्वासन को ध्यान में रखते हुए यदि निर्यातक चाहें तो वह बासमती या उस श्रेणी की किस्मों का धान खरीद सकते हैं।
27 अक्तूबर को दोबारा बैठक कर लेंगे निर्णय
अखिल भारतीय चावल निर्यातक एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय सेतिया ने बताया कि केंद्र के सकारात्मक आश्वासन एवं किसान हित में फिलहाल हड़ताल को स्थगित किया गया है। 27 अक्तूबर को दोबारा एसोसिएशन की बैठक होगी, जिसमें स्थितियों पर दोबारा से विचार विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।