करनाल। कृष्ण भक्ति और भगवान कृष्ण हरिनाम संकीर्तन के क्षेत्र में पिछले पंद्रह सालों से समर्पित श्रीमद्भागवत कथा वाचिका डाॅ. रुकमणि दास ने कहा है कि कलयुग में हरिनाम संकीर्तन ही भगवान के लोक में जाने का रास्ता हैं। इस युग में भगवान की भक्ति का जरिया भी संकीर्तन ही है। धर्म नफरत नहीं प्रेम का संदेश देता है। डाॅ. रुकमणि दास शनिवार को सेक्टर-7 के श्री गंगा मौर्या एन्क्लेव में प्रवचन कर रही थीं। उन्होंने भगवान कृष्ण के जन्म के प्रसंग का बेड़े ही मनोहारी सजीब और सरल भाषा में चित्रण किया। कथा के मुख्य यजमान रामकिशन गोयल और उनके परिजन रहे। उनकी कथा सुनने के लिए कैथल, पंचकूला, पानीपत सहित दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु आ रहे हैं। ब्यूरो