जुंडला। हे राम... थम जा, जमा मारेगा... कुछ इस तरह अपने भाव किसान व्यक्त कर रहे हैं। जैसे ही शुक्रवार को बारिश शुरू हुई, किसानों की अपने सोने की चिंता सताने लगी। क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजे तक रिमझिम बरसात होती रही। इससे किसानों को डर है कि कहीं उनकी फसल खराब न हो जाए।
किसान सहदेव राणा, सतीश राणा, रवि राणा और नीरण राणा ने बताया कि 20 मार्च को हुई बरसात से किसानों को काफी नुकसान हुआ है, अब फिर से हो रही बरसात गेहूं की फसल को ओर नुकसान पहुंचाएगी। ब्लॉक कृषि अधिकारी कर्मवीर गिरी ने बताया कि उनके क्षेत्र में 50 गांव आते हैं। 20 मार्च को जो बरसात हुई थी, उसमें 48 हजार एकड़ फसल का नुकसान हुआ। इसकी रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है। शुक्रवार को हुई बरसात का आंकलन अभी बाकी है। सही आंकलन के बाद ही फसल नुकसान का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि करीब 25 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इस बरसात से जो फसल नीचे गिरी है, उसमें काफी नुकसान होगा और जो फसल खड़ी है उसमें भी पांच से 10 प्रतिशत हार्वेस्टिंग के समय नुकसान होगा।
- जुंडला के चार गांवों में 50 प्रतिशत हुआ था नुकसान
जुंडला ब्लॉक के एडीओ नवीन हुड्डा ने बताया कि उन पर क्षेत्र में जुंडला, कतलाहेड़ी, बांसा और बीड़माजरा की करीब 20 हजार एकड़ फसल का जिम्मा है। पिछली बरसात से क्षेत्र में 50 प्रतिशत नुकसान के आंकड़े दिए गए थे। शुक्रवार को हुई बरसात के बाद ही सही आंकड़ों का पता चलेगा। इस बेमौसम बरसात से नुकसान बढ़ेगा। फसल खराब होने की जानकारी 35 किसानों की ओर से फोन पर दी गई है।
- आठ गांवों में 35 प्रतिशत नुकसान के आंकड़े आए सामने
ब्लॉक टेक्नालॉजी मैनेजर शमशेर सिंह ने बताया कि उनके ब्लॉक में बड़ौता, घोघड़ीपुर, जाणी, बिर्चपुर, नरूखेड़ी, बुढनपुर आबाद सहित आठ गांव शामिल है। पहली बरसात में उनके क्षेत्र से कुछ गांवों में 35 प्रतिशत नुकसान हुआ है। अभी नुकसान हो बढ़ेगा। जो फसल नीचे गिरी है उसमें नुकसान अधिक होगा।