- यात्री 30,500 रुपए में पांच स्थलों के कर सकेंगे दर्शन, 17 जुलाई को अमृतसर से रवाना होगी ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भारतीय रेलवे दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक व दर्शनीय स्थलों की सैर कराएगा। इसको लेकर रेलवे 30,500 रुपए का एक पैकेज लेकर आया है। जिसमें यात्रियों को दक्षिण भारत के पांच मुख्य धार्मिक स्थल रामेश्वरम, मदुरै, कन्याकुमारी, त्रिवेंद्रम सहित तिरुपति के दर्शन कराए जाएंगे।
यह पर्यटक ट्रेन 17 जुलाई को दक्षिण भारत दर्शन के लिए अमृतसर से रवाना होकर ग्वालियर तक निर्धारित किए गए 13 रेलवे स्टेशनों के यात्रियों को लेकर जाएगी। रामेश्वरम में श्री रामनाथ स्वामी मंदिर, मदुरै में मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी में स्थानीय दर्शनीय स्थल, त्रिवेंद्रम में पद्मनाभ स्वामी मंदिर व कोवलम समुद्र तट और तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा।
ट्रेन की बुकिंग 17 जुलाई से पहले करवानी अनिवार्य है। इसमें 780 यात्रियों को ले जाने की सुविधा होगी। यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctc.com पर जाकर भारत दर्शन पर्यटक ट्रेन पर लॉगइन करके ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। यात्रा 17 जुलाई से शुरू होकर 28 जुलाई को वापसी होगी।
चुनिंदा 13 स्टेशनों से ही बैठ सकेंगे यात्री
पर्यटक ट्रेन सिर्फ चुनिंदा 13 रेलवे स्टेशनों से ही यात्रियों को दक्षिण भारत के दर्शन के लिए लेकर जाएगी। अमृतसर जंक्शन, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, हजरत निजामुद्दीन, पलवल, मथुरा, आगरा व ग्वालियर जंक्शन से ही यात्री ट्रेन में बैठ सकते हैं। अंतिम स्टेशन ग्वालियर से यात्रियों को बैठाने के बाद ट्रेन सीधे रामेश्वरम में रुकेगी। वहां से धार्मिक स्थल व दार्शनिक स्थलों पर जाने के लिए आईआरसीटीसी सड़क मार्ग के लिए बस सेवा भी प्रदान करेगी। जिसका खर्च आईआरसीटीसी स्वयं देगी। वहीं ट्रेन दिन में यात्रियों के भ्रमण के लिए स्टेशन पर रुकेगी और रात को अगले धार्मिक स्थल पर जाने के लिए रवाना होगी।
सफर के दौरान मिलेगा शाकाहारी भोजन
12 दिन और 11 रात की यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ने प्रति यात्री 30,500 रुपए का पैकेज तय किया है। इसके तहत यात्रा के दौरान यात्रियों को तीनों समय का शाकाहारी भोजन, लोकल यात्रा के लिए बस व होटल में रुकने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों को शुद्ध व ताजा भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्यटक स्पेशल ट्रेन में पेंट्रीकार का कोच लगाया जाएगा। दूसरी तरफ यात्रियों के सामान व उसकी सुरक्षा के लिए सभी कोचों में निजी सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।