- सरकार को बकाया भुगतान के लिए दो दिन का दिया समय, तीन हजार करोड़ के पांच सौ विकास कार्य हो सकते हैं प्रभावित
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पहले से चल रहे निर्माण कार्यों को 31 मार्च तक पूरा करने का दबाव है, वहीं वर्ष 2023-24 के बजट को 20 प्रतिशत कम कर दिया गया है। फरवरी से भुगतान भी नहीं किया है जिससे निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार भड़क गए हैं। ऑल इंडिया पीडब्ल्यूडी कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन हरियाणा की राज्यस्तरीय बैठक में निर्माण ठेकेदारों ने सरकार को बकाया भुगतान के लिए दो दिन का समय दिया है।
भुगतान नहीं होने पर 13 मार्च से राज्यभर में निर्माण कार्यों को ठप कर देने की चेतावनी दी है। जिससे राज्य में करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत वाले करीब 500 कार्यों के प्रभावित होने की आशंका है।
कर्णलेक पर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक जैन की अध्यक्षता मेंं आयोजित बैठक में हरियाणा के करनाल, गुरुग्राम, पलवल, सिरसा, अंबाला सहित विभिन्न जिलों से आए पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर, जनस्वास्थ्य आदि विभागों के ठेकेदार शामिल हुए। कई ठेकेदारों ने भुगतान रोके जाने संबंधी समस्याएं रखीं। अध्यक्ष अशोक जैन ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है। करीब 3000 करोड़ के 500 विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें अधिकतर अंतिम चरण में हैं, लेकिन सरकार ने निर्माण कार्य का बजट 20 प्रतिशत घटा दिया है। उदाहरण के तौर पर एक करोड़ के कार्य का सिर्फ 80 लाख ही भुगतान दिया जा रहा है।
शेष अगली बार देखने की बात कही जा रही है, जबकि ठेकेदार तो अपनी लागत लगा चुके हैं, बड़ी संख्या में मशीनरी व लेबर जुड़ी है, जिसको भुगतान ठेकेदार को देना होता है। फरवरी से तो सरकार ने भुगतान ही बंद कर दिया है। वित्तीय वर्ष से पहले निर्माण कार्य पूर्ण करने का दबाव भी है। शीघ्र चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है। मुख्यमंत्री व अन्य नेता लगातार शिलान्यास भी कर रहे हैं। इन कार्यों को शुरू करने की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों की है।
अशोक जैन ने बताया कि बैठक में तय किया गया है कि ठेकेदारों की ओर से बकाया भुगतान के लिए 11 व 12 मार्च का समय दिया जा रहा है, यदि इनमें भुगतान जारी नहीं किया गया तो 13 मार्च को प्रदेशभर के निर्माण कार्यों को ठप कर दिया जाएगा। इसी दिन चंडीगढ़ में बैठक करके अग्रिम रणनीति बनाई जा सकती है, जिसमें मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च भी किया जा सकता है। बैठक में प्रदेश सचिव मनोज चहल, गुरवीर सिंह, प्रभू दयाल घई, बलजीत पूनिया, जयभगवान, बंटी चावला, अजय गुप्ता, निर्मल सिंह, यशपाल सेतिया, राकेश गर्ग, राममेहर सिंह आदि कई कॉन्ट्रेक्टर शामिल रहे।