संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। घोघड़ीपुर गांव में आर्य समाज का वार्षिकोत्सव मनाया गया। इस उपलक्ष्य में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोगों को आर्य समाज के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान हवन यज्ञ का आयोजन कर गांव में प्रसाद भी वितरित किया गया।
आर्य समाज के सभी सदस्यों व पदाधिकारियों ने हवन में आहुतियां डालकर देश व समाज की सुख-समृद्धि और शांति के लिए कामना की। इसके बाद भजन व प्रवचन किया गया। आचार्य प्रिंयवदा वेद भारती आर्य कन्या गुरुकुल नजीबाबाद बिजनौर मुख्य वक्ता और रामनिवास आर्य भजन उपदेशक रहे।
आचार्य प्रिंयवदा वेद भारती ने कहा कि हमारी संस्कृति एक धरोहर है। हमें संस्कृति को बचाना है, वेद ही सभी धर्मों का मूल है। ऋग्वेद विश्व साहित्य की प्राचीनतम पुस्तक है। वेद ही मानव जीवन को ऊंचा कर सकता है। जो वेद में कहा गया, वही धर्म है और जो वेद विरुद्ध है, वह अधर्म है। पक्षपात रहित आचरण ही धर्म है।
रामनिवास आर्य ने नशे की लत विभिन्न बुराइयों की जड़ है। यह न केवल नशा करने वाले व्यक्ति के शरीर को खोखला करती है, बल्कि उसके परिवार, समस्त समाज व देश के आर्थिक ढांचे व सुरक्षा को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। हमें नशे से दूर रहकर सुखद जीवन व्यतीत करना चाहिए। इस मौके पर प्रधान बलविंद्र आर्य, उपप्रधान राजेंद्र आर्य, मंत्री ओमप्रकाश आर्य, उपमंत्री जितेंद्र मान, प्रचार मंत्री डॉ. महिंद्र आर्य, कोषाध्यक्ष बलराज मान, संयोजक भोपाल सिंह आर्य मौजूद रहे।
आज भजन प्रवचन
वार्षिकोत्सव में 30 मार्च को भजन प्रवचन सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और सांय तीन से छह बजे तक किया जाएगा। वहीं 31 मार्च को यज्ञ एवं बालक बालिकाओं का उपनयन संस्कार सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक होंगे। भजन उपदेश तथा शांति पाठ सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक किया जाएगा। दोपहर एक बजे लंगर का आयोजन किया जाएगा।