वाहनों के कागजात चेक करने को लेकर शुक्रवार को हुए विवाद का असली कारण है कि शहरवासी यातायात नियमों का पालन नहीं करते, साथ ही वाहन के कागजात दिखाने से पहले वे या तो खुद की आईडेंटी बताएंगे या फिर किसी का फोन कराने में जुट जाते हैं। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस में शामिल पुलिस कर्मचारी शहरवासियों से दुर्व्ववहार करने से भी नहीं चुकते, इतना ही नहीं कई तो इतने गुस्सैल होते हैं कि वे थोड़ी सी बात पर ही उतावले व गाली गलौच शुरू कर देते हैं। पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि शहर में लोग सड़कों पर अवैध रूप से पार्किंग कर देते हैं और इसके चलते ट्रैफिक पुलिस रोजाना 40 से 50 गाड़ियों को जब्त करते हैं और उन पर जुर्माना करते हैं। इसके अलावा, अलग अलग नाकों पर वाहन चेकिंग के दौरान बिना हेल्मेट, बिना कागजात के वाहनों के 100 से ज्यादा चालान करते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सिटी में आती है। शहरवासी बिना हेलमेट के चलते हैं और चेकिंग के दौरान पुलिस कागजात दिखाने में लोग आनाकानी करते हैं। यातायात पुलिस के अनुसार, रोजाना दर्जनभर की कहासुनी और गालीगलौच की नौबत आ जाती है। कोई पुलिस का रौब दिखाता तो कोई नेताओं का। इस बारे में सिटी ट्रैफिक के डीएसपी सिटी विवेक चौधरी का कहना है कि पुलिस कर्मचारियों को भी शांति के साथ लोगों के कागजात चेक करने चाहिए और शहरवासियों को चाहिये कि वे अपने वाहनों के साथ पूरे कागजात रखें और बाइक पर हेलमेट जरूर लगाएं। इस बारे में पुलिस कर्मचारियों को भी हिदायत दी गई हैं कि वे सभी के सादगी के साथ पेश आएं, जो गलत व्यवहार करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।