फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: विद्यार्थियों में आविष्कारक सोच विकसित नहीं कर पा रहे निजी स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
- इंस्पायर अवार्ड के लिए महज 15 निजी तो 185 राजकीय स्कूलों के 816 विद्यार्थियों ने किया आवेदन
विज्ञापन


- निजी स्कूल प्रबंधक नहीं ले रहे रुचि, सरकारी विद्यालयों में भी उत्साह कम, लक्ष्य से महज आधे ही हुए प्रतिभागी

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले के निजी स्कूल प्रबंधक विद्यार्थियों में आविष्कारक सोच विकसित नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि जिले में इस्पायर अवार्ड योजना के तहत निजी स्कूलों की भागीदारी बेहद कम है। वहीं सरकारी स्कूलों में उत्साह कम दिखाई दे रहा है। अब तक आए आवेदनों की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 800 निजी स्कूलों में से महज 15 और 779 राजकीय स्कूलों में से महज 185 स्कूलों के विद्यार्थियों ने ही आवेदन किया है।

युवा सोच को नई उड़ान देने के मकसद से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इंस्पायर अवार्ड की शुरुआत की है। लेकिन जिले के युवाओं की इसमें रुचि कम दिखाई दे रही है। करनाल जिले में अभी तक छह खंडों से महज 816 आवेदन ही हुए हैं। जबकि 250 के हिसाब से 1500 आवेदनों का लक्ष्य है। ऐसे में लक्ष्य को पूरा करने में अभी इतनी मेहतन और करने की जरूरत है।
विज्ञापन


विद्यार्थी 15 अक्तूबर तक आवेदन कर सकते हैं। जबकि अब से पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर थी। आवेदन कम आने के कारण शिक्षा निदेशालय ने इस तिथि को आगे बढ़ाया है। ताकि ज्यादा से ज्यादा स्कूलों के विद्यार्थी इसमें प्रतिभागिता कर सकें। आवेदनों के मामले में घरौंडा सबसे टॉप पर तो इंद्री सबसे निचले पायदान पर है। घरौंडा में लक्ष्य के 85.20 प्रतिशत यानी 213 तो इंद्री में 29.60 प्रतिशत यानी 74 आवेदन ही आए हैं।

वहीं स्कूलों की स्थिति देखें तो नीलोखेड़ी और निसिंग खंड के एक भी निजी स्कूल ने प्रतिभागिता नहीं की है। करनाल से सर्वाधिक आठ और घरौंडा से पांच निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की है। इसी तरह सरकारी स्कूलों में सबसे कम आवेदन इंद्री खंड से 17 और घरौंडा से सबसे ज्यादा 47 आवेदन आए हैं।

मॉडल के लिए मिलेंगे 50 हजार रुपये
इस्पायर अवार्ड योजना के तहत देशभर के सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छठी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के मौलिक विचारों और नव प्रवर्तनों के नए यूनिक आइडिया ऑनलाइन मांगे गए हैं। इस प्रतिस्पार्धा में 10 से 15 वर्ष तक के विद्यार्थी हिस्सा ले सकते हैं। विभाग ने जिले के हर खंड को 250 आवेदन करने का लक्ष्य दिया है। यह योजना 2013-14 में शुरू हुई थी। इस योजना के तहत प्रदेशभर के स्कूलों से बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर भाग तो लिया लेकिन आठ साल से देश में टॉप-60 में जगह नहीं बना पाए। योजना के तहत स्कूल से पांच बेस्ट आइडिया चयन कर जिला स्तर पर भेजे जाएंगे। जिला स्तर पर आइडिया चयनित होने पर उस आइडिया को मॉडल का रूप देने के लिए विद्यार्थी को खंड स्तर पर 10 हजार रुपये मिलेंगे। इसके बाद जिला स्तर से आइडिया अगर राज्य स्तर पर चयनित होता है तो विद्यार्थी को 50 हजार रुपये मॉडल के लिए मिलेंगे।
विज्ञापन




किस खंड के कितने स्कूलों ने की प्रतिभागिता
खंड
निजी
राजकीय

घरौंडा
05
47

करनाल
08
40

असंध
01
31

नीलोखेड़ी
00
31

निसिंग
00
19

इंद्री
01
17


किस खंड से कितने आए आवेदन
खंड
आवेदन
प्रतिशत

घरौंडा
213
85.20

करनाल
202
80.80

असंध
124
49.60

नीलोखेड़ी
118
47.20

निसिंग
85
34.00

इंद्री
74
29.60


लक्ष्य से आधे आवेदन ही अभी तक आए हैं। निजी स्कूलों की प्रतिभागिता कम है। इसे बढ़ाने के लिए ही आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाकर 15 अक्तूबर किया गया है। इंस्पायर अवार्ड योजना में मॉडल बनाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

- दीपक वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ एवं नोडल अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें