प्रवासी मजदूरों को पंजाब से कानपुर लेकर जा रही प्राइवेट बस खराब होने के बाद यात्रियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि बस बीते करीब 36 घंटे से खराब खड़ी है। इसकी वजह से मजबूर लोगों को ठंड की रात सड़क पर काटनी पड़ी। यात्रियों ने आरोप लगाए कि निजी बस चालक उन्हें ठग रहे हैं। स्लीपर का किराया वसूलने के बावजूद उन्हें सिर्फ बैठने की सीट दी गई।
यात्रियों से मोटा किराया वसूलने का आरोप
पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच बड़े स्तर पर अवैध रूप से प्राइवेट बसों का संचालन हो रहा है। बिना टैक्स भुगतान किए प्राइवेट बस आपरेटर प्रवासी मजदूरों को बसों में ठूस कर ले जाते हैं। यात्रियों से मोटा किराया वसूला जाता है और टिकट के नाम पर सिर्फ एक पर्ची दी जाती है। यात्रियों ने बताया कि उन्हें एक हजार किलोमीटर का सफर बैठ करना होता है, जबकि उनसे किराया स्लीपर का लेते हैं। वीरवार को पंजाब से कानपुर जा रही निजी बस हाईवे पर मधुबन के पास खराब हो गई।
36 घंटे सड़क पर परेशान रहे यात्री
यात्रियों ने बताया कि बस में 60 लोग सवार है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। ये सभी यात्री बीते 36 घंटे से सड़क पर हैं और ठंड भरी रात भी बस की सीटों पर बैठकर गुजारी। दूसरा दिन बीतने के बाद भी जब बस ठीक नही हुई तो यात्रियों ने जोरदार हंगामा किया। यात्रियों ने बताया कि वे अपने बच्चों के साथ सड़क किनारे पड़े है और खाने को कुछ भी नही मिल रहा। उन्होंने बस टिकट के नाम पर मिली पर्ची दिखाते हुए आरोप लगाया की प्राइवेट बस मालिक उनके साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। वहीं बस ठेकेदार भी परमिट के बारे में कोई जवाब नहीं दे पाया।