- बारिश के कारण मंडियों में घटी सब्जियों की आवक, बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मानसून की शुरुआत में ही प्याज व टमाटर समेत कई सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं जिससे किचन का जायका बिगड़ गया है। मंडी से लेकर खुदरा बाजार तक में सब्जी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यहां तक कि आलू के दाम भी बढ़ गए हैं। यह 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण बारिश से फसल प्रभावित होना बताया जा रहा है। वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण मंडी में सब्जियां कम मात्र में पहुंच रही हैं। इस कारण से तोरी, लौकी, अरबी, करेला व भिंडी के दाम भी बढ़ गए हैं। सब्जियों के दाम बढ़ने से गृहिणियों की चिंता भी बढ़ गई है। उनका कहना है कि पहले ही महंगाई की मार झेल रहे हैं, अब सब्जियां भी महंगी होने से परेशानी और बढ़ गई है।
लगातार बारिश होने से मंडी में सब्जियों की आवक काफी घट गई है। दुकानदारों का कहना है कि बारिश में भीगने के कारण ज्यादातर सब्जियां खराब हो जाती हैं, जिससे उन्हें सब्जियां के दाम पूरे करना भी मुश्किल हो रहा है। कई सब्जियां ऐसी हैं, जो केवल एक ही दिन के बाद खराब हो जाती है। पिछले 15 दिनों में थोक मंडियों से लेकर फुटकर बाजार तक सब्जियों की कीमतों में दोगुने तक का उछाल आया है। आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगी हैं।
सब्जियों के बढ़े दाम प्रति किलो
सब्जी 15 दिन पहले अब
टमाटर 40
50
आलू 30 50
प्याज 30 50
तोरी 20 50
लौकी 30 60
बैगन 40
60
अरबी 40 60