संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। त्योहारी सीजन के चलते मिठाइयों के कारोबार में उछाल आया है। मिठाइयों की दुकानें सज चुकी हैं। तरह-तरह की मिठाइयां लेने के लिए दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है। तीज पर्व के चलते बाजारों में घेवर और फिरनी की सबसे अधिक मांग है। कोरोना काल के बाद मिठाई के कारोबार में बढ़ोतरी हुई है। आने वाले दिनों में तीज, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर्व को लेकर दुकानदारों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
महंगाई का भी असर
गोपाल स्वीट्स के संचालक गोपाल ने बताया कि जहां कोरोना काल में कारोबार 50 प्रतिशत घट गया था, अब 50 प्रतिशत बढ़ गया है, हालांकि बढ़ती महंगाई के कारण उन्हें ज्यादा मुनाफा नहीं हो पा रहा है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है। तीज के त्योहार में सबसे ज्यादा लोग घेवर और फिरनी की खरीदारी करते हैं। वहीं रक्षाबंधन पर रसगुल्ले और गुलाब जामुन की मांग बढ़ जाती है।
कोरोना के बाद अब पटरी पर कारोबार
बंगला स्वीट्स के संचालक सचिन ने बताया कि कोरोना काल के बाद कारोबार अब काफी बेहतर है। शादियों और त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बिक्री अच्छी होती है। महंगाई का असर पड़ा है। मिठाई बनाने का सामान जितना पहले लाते थे, अब उतना नहीं लाते हैं। इन त्योहारों में घेवर-फिरनी के साथ तिरंगा लड्डू, काजू कतली और 56 भोग की थाली की ज्यादा मांग रहती है। अब जन्माष्टमी तक काम सही चलेगा, उसके बाद नवरात्र में काम फिर तेज होगा।
पहले जैसी भीड़ नहीं
बीकानेर स्वीट्स कॉर्नर के संचालक नीरज ने बताया कि कोरोना के बाद से मिठाई के कारोबार में काफी असर पड़ा है। त्योहारी सीजन होने के बावजूद भीड़ पहले जैसी नहीं है। महंगाई भी बढ़ी है इस कारण जिन चीजों से मिठाइयां बनती हैं वह महंगी हो गई है। मिठाइयों के दाम भी नहीं बढ़ा सकते हैं, क्योंकि ऐसा करते हैं तो उसमें भी हमें ही घाटा है। फिलहाल घेवर और फिरनी की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है।
जरूरत के अनुसार मंगवा रहे सामान
एवन स्वीट्स के संचालक आशीष गुप्ता ने बताया कि इन त्योहारी सीजन में घेवर और फिरनी ग्राहकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। महंगाई का थोड़ा सा असर उन पर भी पड़ा है, इसलिए अब वह जरूरत के अनुसार ही सामान मंगवाते हैं।