जिले में प्रतिदिन होता है आठ करोड़ का व्यवसाय, अंडा उत्पादक परेशान
मुकेश राणा
करनाल। कोल्ड चेन नियम आने से पोल्ट्री क्षेत्र में जिले का प्रतिदिन होने वाला आठ करोड़ का व्यापार प्रभावित होेने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार के नए आदेश से हरियाणा के साथ-साथ जिले के पोल्ट्री लेयर व्यवसाय से जुड़े 800 परिवारों पर भी संकट आने की संभावना है। जब से उत्तर प्रदेश सरकार ने अंडा लाने और भेजने के लिए कोल्ड चेन की व्यवस्था रखने का आदेश दिया है, तब से जिले के अंडा उत्पादन करने वाले किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
मौजूदा समय में करनाल में 25 लाख और जिले में 50 लाख लेयर पोल्ट्री फार्मर अपना व्यवसाय चला रहे हैं। पोल्ट्री के क्षेत्र में करनाल का योगदान बेहतर रहा है। हालांकि उत्तर भारत में हरियाणा के पंचकूला स्थित बरवाला को पोल्ट्री व्यवसाय का प्रधान कहा जाता है। करनाल से प्रतिदिन अंडा व उसमें इस्तेमाल बाजरा, मक्का, सोया व दवाइयां मिलाकर करीब आठ करोड़ का कारोबार किया जाता है।
बात अगर प्रदेश की हो तो हर रोज करीब 32 करोड़ रुपये का कारोबार हो जाता है। राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र भुटानी का कहना है उत्तर प्रदेश के कुछ किसान पशुपालन विभाग के साथ सांठगांठ करके यह नियम बनाने की जुगत में हैं, ताकि उत्तर प्रदेश में हरियाणा का अंडा न आ सके। उनका कहना है कि पूरे देश में ऐसा नियम नहीं है। इसके लिए वह कानूनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं। 26 मई को इलाहबाद हाई कोर्ट में इसकी सुनवाई होनी है। जहां पर हरियाणा के अंडा उत्पादक किसानों को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भी उन्होंने बात की है। उत्तर प्रदेश सरकार को भी गाइडलाइन को लेकर पत्र भेजा है। क्या है कोल्ड चेन व्यवस्था
कोल्ड चेन व्यवस्था में अंडे को फ्रिज में एक उचित तापमान में रखा जाता है। उसके लाने और भेजने के लिए भी इसकी व्यवस्था करनी होगी। जिस कारण किसानोंं को ज्यादा खर्च करना होगा। जबकि अंडा उत्पादक किसानों का कहना है कि 48 डिग्री तापमान में भी अंडा 20 दिनों तक खराब नहीं होता।
यूपी के किसानों पर अभद्रता का आरोप
राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र भुटानी का कहना है कि उत्तर प्रदेश के किसान प्रतिदिन हरियाणा के किसानों के साथ अभद्रता कर रहे हैं। हर रोज तीन-चार गाड़ी वापस भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा से अंडा यूपी, असम, बिहार, बंगाल में जाता है। उन्होंने सीएम मनोहर लाल से भी इस मामले में आग्रह किया है ताकि जिले के साथ-साथ प्रदेश के पोल्ट्री व्यवसाय को नुकसान न हो।
नियम से घटेगा लेयर पोल्ट्री क्षेत्र
पोल्ट्री किसान सुरजीत राणा, रामदयाल बलड़ी, सतेंद्र, रविंद्र जागलान का कहना है कि ऐसा नियम लागू होने से जिले में पोल्ट्री व्यवसाय खत्म हो जाएगा। पहले ही जिले में कई लेयर पोल्ट्री बंद हो चुके हैं, कुछ बंद होने के कगार पर हैं।
क्या है जिले में अंडे का रेट
अंडा विक्रेता हीरा ने बताया कि इस समय फार्म से उन्हें 120 रुपये ट्रे (30 अंडे) मिलती है। ग्राहक तक यह 150 रुपये हो जाती है। वहीं, सर्दी में यह 160 रुपये तक विक्रेता और ग्राहक तक 180 रुपये हो जाती है। गर्मी के मुकाबले सर्दी में अंडे की डिमांड अधिक होती है। लेकिन पोल्ट्री नियम इसके विपरीत है। सर्दी में अंडे का उत्पादन अधिक होता है, जबकि गर्मी में कम। इसका कारण गर्मी में मुर्गियों काे उचित तापमान देना मुश्किल हो जाता है। इसलिए कई फार्मर गर्मी के मौसम में अपने फार्म पर मुर्गी नहीं डालते।