करनाल। बागवानी अनुसंधान को नई दिशा देते हुए महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी (एमएचयू) और इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (सीआईपी), पेरू के बीच हुई साझेदारी अब सीधे किसानों और उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बायोफोर्टिफाइड आलू ऐसी किस्में होती हैं, जिनमें सामान्य आलू की तुलना में अधिक पोषक तत्व होते हैं। इन उन्नत क्लोन को हरियाणा की जलवायु, मिट्टी और सिंचाई परिस्थितियों में परखा जाएगा। कुलपति डॉ. सुरेश मल्हौत्रा, सीआईपी की ओर से महानिदेशक डॉ. साइमन हेक, उप-महानिदेशक डॉ. ह्यूगो कैंपोस, सीएसएआरसी के निदेशक ट्रस्टी डॉ. देवेश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। ब्यूरो