माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। परिवार के खानपान और स्वास्थ का ध्यान रखने वाली महिलाएं एवं युवतियां खुद अस्वस्थ हैं। इनका शरीर इतना कमजोर है कि वे चाहकर भी रक्तदान नहीं कर पा रही हैं। शनिवार को निफा की ओर से सिर्फ महिलाओं के लिए रक्तदान शिविर लगाया गया। जहां रक्तदान के लिए 176 छात्राएं और प्राध्यापिकाएं पहुंचीं, लेकिन महज 33 छात्राएं और प्राध्यापिकाएं ही रक्तदान कर पाईं। अन्य को लौटना पड़ा।
रक्त एकत्र कराने पहुंचे क्षेत्रीय रक्त संचार अधीक्षक डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि सर्वाधिक छात्राओं में हीमोग्लोबिन और वजन कम पाया। जबकि कुछ महिलाएं बीपी की भी मरीज मिलीं।
शिविर का उद्घाटन ब्रह्मा कुमारी प्रेम बहन ने किया। वहीं कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संतोष बिसला और डॉक्टर गणेश दास महिला कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. राकेश संधु, महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रभजोत कौर, निफा के संरक्षक डॉक्टर लाजपत राय चौधरी, सतिंदर मोहन कुमार व जेआर कालड़ा विशेष रूप से पहुंचे। शिविर की अध्यक्षता निफा के चेयरमैन प्रीतपाल सिंह पन्नू ने की। बीके प्रेम ने कहा कि हमें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा जो राज योग, अध्यात्म के जीवन व सात्विक भोजन से संभव है।
गुड़, चना और ताजे फल आहार में करें शामिल
महिला स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष सेमिनार का आयोजन भी किया गया जिसमें महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रभजोत कौर व करनाल सिविल अस्पताल ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉक्टर संजय वर्मा ने महिला स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया। उन्होंने महिलाओं व लड़कियों को अपने जीवन यापन, खान पान में विशेष सुधार लाने की सलाह दी। हरी सब्जियां, ताजे फल, सलाद, अंकुरित अनाज, गुड़ व चना को अपनी हर रोज की डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह दी। ताकि रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा पूरी हो ओर वजन शरीर की हाइट के अनुसार पूरा हो।
मिला रक्त वीरांगना पुरस्कार
शिविर में रक्तदान करने वाली 33 युवतियों को रक्त वीरांगना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं महिला स्वास्थ्य सेमिनार के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से 20 महिलाओं को महिला शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में महिला पार्षद मेघा भंडारी, नीलम नोतना, रजनी प्रोचा, मोनिका गर्ग व रमनजीत कौर, महिला थाना की प्रभारी निरीक्षक रेखा, सहायक पुलिस उप निरीक्षक नमना अहलावत, समाज सेवी अनिता पुंज शामिल रहीं।