करनाल। विकास क्लब साहित्य कला मंच कुंजपुरा की ओर से सोमवार को विकास क्लब प्रांगण में मासिक साहित्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डॉ. ज्ञानी देवी ने क्षणिका प्रस्तुत करते हुए कहा, गुलाम करने का प्रयोग, मुक्त राजकीय सहयोग। मुख्य अतिथि शायर हरबंस लाल पथिक ने कहा, बेवफा मेरे जनाजे में खड़े थे गमजदा, अहले वफा अपने घरों में कैद होकर रह गए। वशिष्ठ अतिथि दलीप खरेरा ने कहा, दरिया ए सहेरा है, रेत का गुबार है, मौसम ए खिजां में, गुलों पर निखार है। इसके अलावा राजपाल रोजडा, ममता प्रवीण, राजकुमार, चन्द्रवती दीक्षित, सौरव गुप्ता, खुशहाल रोजडा, संदीप बांवरा, राजकुमार, पंकज गहलोत, पूर्ण चंद शर्मा व अन्य कवियों और शायरों ने कार्यक्रम में समां बांधा। ब्यूरो