करनाल। शिल्पकारों व कारीगरों के हुनर को सम्मान देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत 18 विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। इनमें नाव बनाना, शस्त्राकार, लुहार, हथौड़ा व लोहे के औजार बनाना, ताला बनाना, सुनार, कुंभकार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, सुथार, चटाई बनाना, गुड़िया व खिलौने बनाना, बारबर, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के लिए जाल बनाने का काम आदि शामिल है। पात्र आवेदक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर मोबाइल सत्यापन और आधार ई-केवाईसी के माध्यम से पीएम विश्वकर्मा योजना पोर्टल पर पंजीकरण करके पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि पीएम-विश्वकर्मा योजना के तहत श्रमिक की बेटी के लिए जो कॉलेज पढ़ती है, उसको इलेक्ट्रिक स्कूटी के लिए 50 हजार रुपये और श्रमिक को साइकिल खरीदने के लिए पांच हजार रुपए दिए जाते हैं। इसी प्रकार से महिला श्रमिक को सिलाई मशीन खरीदने के लिए 4500 रुपये, श्रमिक के स्कूल जाने वाले बच्चों को 9वीं तथा 10वीं और आईटीआई व डिप्लोमा के विद्यार्थियों को 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को 12 हजार रुपए दिए जाते हैं। संवाद