करनाल। कर्ण स्टेडियम में आयोजित नार्थ जोन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में जिले के एथलीटों के दो स्वर्ण सहित सात पदकों के सहयोग से हरियाणा की टीम ओवर ऑलचैंपियन बनीं। इसके साथ ही तीन दिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का समापन भी हो गया। तीनों दिन हरियाणा के एथलीटों ने खास कर छोरियों ने अपना दबदबा कायम रखा। कर्णनगरी के 12 खिलाड़ियों में से सात ने दो स्वर्ण सहित सात पदकों पर कब्जा किया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन पुरस्कार वितरण समारोह में एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव रविंदर चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि पहुंच कर खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।
हरियाणा एथलेटिक्स के महासचिव राजकुमार मिटान ने बताया कि तीन दिन चली प्रतियोगिता में हरियाणा सहित नौ प्रदेशों हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख और जम्मू कश्मीर से पहुंचे 700 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। जिसमें पहले दिन से ही प्रदेश के खिलाड़ियों खास कर बेटियों का दबदबा रहा जो तीसरे दिन भी जारी रहा। दिल्ली की टीम उपविजेता रही। समापन समारोह में पहुंचे एथलेटिक्स हरियाणा के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला, कार्यकारी अध्यक्ष हनुमान सिंह भादू, एथलेटिक्स कोच सतीश पंघाल, ऋषि कुमार और मोहित ने सभी पदक विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता को संपन्न कराने में एथलेटिक्स हरियाणा के उपाध्यक्ष राजीव खत्री, वरिष्ठ संयुक्त सचिव कुलदीप अहलावत, प्रतियोगिता निदेशक जितेंद्र बांगर, मुख्य चयनकर्ता यशपाल चोपड़ा, सोहनपाल सेक्रेटरी कैथल, मनोज कडवासरा सचिव हिसार, कोषाध्यक्ष जसवंत सिवाच, कार्यकारिणी सदस्य रोहताश सिवाच आदि तमाम लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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स्टेडियम से पाबंदी हटते ही आए पदक
करनाल। नाथ जोन एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान जिले के सात एथलीटों हैप्टाथलॉन में कृष ने स्वर्ण, केविन ने कांस्य, हैमर थ्रो में कशिश ने स्वर्ण, तीन हजार मीटर दौड़ में आर्यन और खुशी ने कांस्य जीत कर कर्ण स्टेडियम में लंबे समय तक थ्रो इवेंटों पर लगी पाबंदी को गलत साबित कर दिया। हाल ही में उपायुक्त अनीश यादव ने थ्रो इवेंटों पर लगी पाबंदी हटाने के आदेश दिए थे। जिसका परिणाम जल्द देखने को मिल गया। वहीं एथलेटिक्स कोच मोहित सैनी कहते हैं कि मैदान में अभ्यास करने की पाबंदी नहीं होती तो कहीं ज्यादा पदक करनाल के खिलाड़ी जीतते। ब्यूरो