करनाल। जिला सचिवालय के सामने 3 अक्तूबर से रोहतक पीजीआई के कर्मचारी धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि उनकी बात सुनने के लिए कोई भी सत्ताधारी नेता या जन प्रतिनिधि मिलने के लिए नहीं पहुंचा। जिला प्रशासन ने जो आश्वासन दिया था वह भी झूठा निकला। अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। रोहतक पीजीआई में कार्यरत 1271 ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें हरियाणा कौशल रोजगार निगम से नहीं जोड़ा गया है। हरियाणा सरकार ने सितंबर 2021 में एचकेआरएन पाॅलिसी बनाई थी। उसके तहत सभी कर्मचारियों को पोर्टल पर चढ़ाया जाना चाहिए। दूसरी ओर रोहतक में हड़ताल और धरना जारी है। संवाद