करनाल। गांव पिचौलिया में पंचायती राज द्वारा पंचायत भंग के दौरान विभाग ने जोरदार धमका करते हुए करीब 24 लाख रुपये के विकास कार्य सिर्फ कागजों में ही करवा दिए जबकि धरातल से वह कोसों दूर हैं। गांव में जो कार्य पंचायत नहीं करवा सकी वह पंचायत भंग होने के समय खंड मूनक द्वारा तीव्र गति से करवा कर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। फरवरी 2020 से नवंबर 2022 करीब दो साल तक ग्राम पंचायत में कोई मुखिया नहीं था।
बावजूद इसके खड़ मूनक की ओर से छह छह लाख के करीब चार कार्य दिखाए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि जो कार्य खंड मूनक द्वारा करवाए गए है वह धरातल पर नहीं सिर्फ कागजों में ही हुए है। मामले की जांच पड़ताल के लिए पिचौलिया निवासी जीवन शर्मा ने 21.7.2021 को ब्लॉक द्वारा करवाए गए कार्यों पता लगाने के लिए सीएम विंडो पर अर्जी लगाई। लेकिन आज तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सीएम खिड़की से मुख्य सचिव से डीसी व खड़ अधिकारी तक घूम रही है लेकिन स्टीक ब्यौरा कोई नहीं दे रहा। यहां तक कि मामले की धरातल पर जांच करने आए ग्राम सचिव रिंकू ने भी अपने जवाब में गांव में हुए विकास कार्यों की पुष्टि की है।
दो दिन पहले फिर आई शिकायत
शिकायतकर्ता जीवन शर्मा ने बताया कि 21 अगस्त 2023 को उनकी अर्जी फिर सीएम विंडो से ब्लॉक मूनक के पास आई है। ताकि उनके सवालों का जवाब मिल सके। जो पत्र हेड ऑफिस पंचायती राज से आया है उसमें साफ साफ लिखा है कि ब्लॉक मूनक को शिकायतकर्ता के सभी सवालों को जवाब देना है। लेकिन आज तक उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
गांव में यह कार्य आज तक नहीं हुए। मामले की सही जांच की जाए तो बड़े भ्रष्टाचार से परत उठ सकती है।
पंचायत भंग में ये हुए कार्य
गांव में ई-रिक्श खरीद व पानी वाली टंकी के पास वाले तालाब से पानी की निकासी पर करीब छह लाख खर्च
माता के घर से संजय चक्की तक नाला निर्माण पर करीब छह लाख खर्च
सार्वजनिक श्मशान से ब्राह्मण वाले श्मशान में बरामदा निर्माण व खेल स्टेडियम की चार दिवारी पर 599400 खर्च
पशु अस्पताल व पंचायत घर में हैंडपंप व रिचार्ज बोर पर 599400 खर्च
वर्जन
गांव पिचौलिया में विकास कार्य न होने का मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। ऐसा है तो मामले की गहनता से जांच करवाई जाएगी।
- राजबीर खुंडिया, डीडीपीओ करनाल