इंद्री। धान की सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों का काफी नुकसान हो रहा है। कस्बे में मंगलवार दोपहर के बाद हुई तेज बारिश से किसानों की मंडी में रखी फसल भीग गई और धान की कई ढेरियों के चारों तरफ पानी जमा हो गया। आनन-फानन में किसानों ने तिरपाल से अपनी फसलों को ढका।
इसके अलावा मंडी में उठान के इंतजार में रखीं धान की बोरियां भी बारिश से भीग गई। इस दौरान मंडी में मौजूद किसानों ने कहा कि खरीद के बाद यदि समय पर धान का उठान कर लिया होता तो आज यह नौबत नहीं आती। उन्होंने कहा कि बारिश में भीगने के कारण दाना काला पड़ने से चावल की क्वालिटी खराब हो जाएगी। किसानों ने कहा कि मंडी में धान की बेकद्री हो रही है। सरकार को मंडी में आई फसल की तुरंत सरकारी खरीद करवाकर इसका उठान करवाना चाहिए। इस मामले में इंद्री मार्केट कमेटी के सचिव जसबीर सिंह ने कहा कि इंद्री और बयाना मंडी में कार्यरत सभी कमीशन एजेंटों को हिदायत दी गई है। उन्हें कहा गया है कि खराब मौसम को देखते हुए अपनी दुकान पर पड़ी धान की ढेरियों और बोरियों को बारिश में भीगने से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में तिरपालों और पॉलिथीन कवर रखें। लकड़ी की क्रेटों का भी इंतजाम करें। बारिश शुरू होने से पहले अपने श्रमिकों से धान की सभी ढेरियां और बोरियां को ढकवाना सुनिश्चित करें। जसबीर सिंह ने दावा किया कि इंद्री में अनाज मंडी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी ढेरियां को बारिश से पहले ढकवा दिया गया था। बारिश से किसी भी किसान की फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ है।