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Karnal News: कुटेल विवि में जल्द शुरू होगी ओपीडी

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- सितंबर में शुरू होनी थी ओपीडी, लेकिन आचार संहिता के चलते ओपीडी का रुका शुभारंभ
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- पहले चरण में पांच विशेषज्ञों की ओपीडी होगी शुरू, इसमें मेडिसन, सर्जरी, गायनी, आर्थो व स्कीन ओपीडी है शामिल

- जिला नागरिक अस्पताल व मेडिकल कॉलेज का भार होगा कम, मरीजों को मिलेगी राहत

- 750 करोड़ रुपये से तैयार हो रही यूनिवर्सिटी का प्रथम फेज हुआ तैयार

संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कुटेल स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस में अब अक्तूबर में बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) शुरू होने की उम्मीद है। कुटेल यूनिवर्सिटी के परिसर में सितंबर में ओपीडी शुरू होनी थी लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण ओपीडी का शुभारंभ नहीं हो पाया है।
कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के निदेशक एवं कुटेल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि कुटेल यूनिवर्सिटी में पहले चरण में पांच अलग-अलग विभागों की ओपीडी शुरू होगी। इसमें मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, ऑर्थोपेडिक व स्किन ओपीडी शामिल है। उन्होंने बताया कि ये पांचों ओपीडी शुरू होने से आस-आस के गांवों के लोगों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज या नागरिक अस्पताल में नहीं आना पड़ेगा। विश्वविद्यालय ने नवंबर 2018 में 44 बीएससी नर्सिंग और 30 बीएससी फिजियोथेरेपी छात्रों के लिए कक्षाएं चल रही। ओपीडी शुरू होने से पहले ही बिजली, पेयजल से लेकर अन्य जरूरी कामों को निपटा लिया गया है।
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पांचों ओपीडी अस्पताल की रीढ़
निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि ये पांचों ओपीडी एक अस्पताल की रीढ़ हैं। मेडिसिन ओपीडी में खांसी, बुखार, जुकाम, उल्टी-दस्त से लेकर अन्य सभी सामान्य प्रकार की बीमारियों के मरीजों की जांच होती है। सर्जरी ओपीडी में सड़क दुर्घटना से लेकर अन्य शारीरिक बीमारियों में सहायक है। गायनी ओपीडी में महिलाएं अपनी हर प्रकार की बीमारियों का इलाज करवा सकेंगी। ऑर्थो ओपीडी में कोई भी हड्डी रोग से पीड़ित मरीज अपना इलाज करवा सकता है। वहीं स्किन ओपीडी में आजकल चमड़ी का रोग अधिक बढ़ रहा है। ऐसे में स्किन ओपीडी शुरू करने का प्रस्ताव पास किया गया है।

दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, कुटेल, करनाल की घोषणा मुख्यमंत्री ने 13 दिसंबर 2014 में थी। यह दो फेज में बनेगी। इस प्रोजेक्ट की लागत 750 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण 144 एकड़ भूमि में हो रहा है। इसमें करनाल सहित 11 जिले पंचकूला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, हिसार, सिरसा, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, जींद व फतेहाबाद कवर होंगे। इसमें 750 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनेगा। प्रथम फेज का निर्माण कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। जिसे जून 2023 में पूरा होना था। कोरोना काल व अन्य कारणों चलते इसका निर्माण कार्य अगस्त 2024 में पूरा हो पाया है। प्रथम फेज में नर्सिंग कॉलेज, साइकोलॉजी कॉलेज, फिजियोथेरेपी डिपार्टमेंट, आरडीए होस्टल, गर्ल्स, ब्वायज होस्टल, अस्पताल की बिल्डिंग, एडमिन ब्लाक, एनिमल हाउस, धर्मशाला, लाईब्रेरी ब्लाक, लेक्चर हॉल व पुलिस बूथ बन कर तैयार हो चुके हैं।
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फेज दो में यह बनेंगे

फेज-टू में डेंटल कॉलेज, पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट, ऑडिटोरियम और रेजिडेंट कॉम्पलेक्स बनेगा। इसके अलावा फ्यूचर प्लान में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, फार्मेसी कॉम्पलेक्स, यूजी ब्वायज होस्टल, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, एसआर डॉक्टर रेजीडेंसी, क्लब हाउस, फैकल्टी गेस्ट हाउस, कम्युनिटी सेंटर, डॉक्टर रेजिडेंस टाइप एक से छह तक बनाए जाने की संभावना हैं।
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