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नया सत्र शुरू होने के डेढ़ माह बाद अवसर एप पर अपलोड रिपोर्ट कार्ड

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए करीब डेढ़ माह का समय बीत चुका है लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक पिछले सत्र से ही बाहर नहीं निकल पाया है। पिछले सत्र में नॉन बोर्ड कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम और रिपोर्ट कार्ड को अब ऑनलाइन किया जा रहा है। अवसर एप पर विभाग की ओर से विवरण जारी किया गया है। जिसे शिक्षकों के अलावा अभिभावक भी देख सकते हैं।
विभाग की ओर से पांचवीं से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का तो एप पर वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। जबकि पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का रिजल्ट समेत अन्य विवरण भी अपलोड किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि स्कूलों में अब ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्तर पर रहे। इधर, शिक्षकों ने विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट कार्ड गलत शो हो रहे हैं। रिजल्ट के लिंक पर जब क्लिक करते हैं तो दूसरे स्कूलों के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम दिखाई देता है। विभाग को इसमें अभी काफी सुधार करने की भी जरूरत है। ताकि रिकॉर्ड सही दर्ज हो। क्योंकि भविष्य में इस रिकॉर्ड को ही लोग सही मानेंगे। ऐसे में रिकॉर्ड सही ही दर्ज होना चाहिए। जिले में पहली से आठवीं कक्षा तक पिछले सत्र में 779 राजकीय स्कूलों के 90 हजार विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। ब्यूरो
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बच्चों संबंधित रिकॉर्ड की नहीं रहेगी टेंशन
अब अभिभावकों को शिक्षकों की ओर से ई रिपोर्ट कार्ड भी दिए जाएंगे। रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से शिक्षक जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड को ऑनलाइन देखकर मुख्यालय भी बता सकेंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यालय के निर्देशों पर अवसर एप पर डाटा अपलोड हो रहा है। काफी समय से शिक्षकों को इस काम पर लगाया था। दावा कि लगभग सभी विद्यार्थियों का डाटा अपलोड हो चुका है। मुख्यालय में बैठे अधिकारी भी इसे देख सकते हैं। साथ ही इसका फायदा शिक्षकों को ज्यादा रहेगा। बच्चों से संबंधित रिकॉर्ड को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं रहेगी।
एप से ऐसे देख सकेंगे रिकॉर्ड
एप पर इस प्रकार का भी विकल्प दिया गया है कि जिसमें रोल नंबर भरते ही विद्यार्थी का डाटा सामने डिस्प्ले हो जाएगा। अगर रोल नंबर भूल रहे हैं तो स्कूल पंजीकरण संख्सा डाली जा सकती है। सबसे बाद में बच्चे का नाम भी विकल्प में भरा जा सकता है। इससे भी शिक्षक डिटेल ले सकते हैं। अगर स्कूल में 100 बच्चे भी हैं तो उनका डाटा याद रखना शिक्षक के लिए संभव नहीं है। अब नई व्यवस्था में अवसर एप पर डाटा अपलोड हो गया है।
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शिक्षकों को बच्चों का डाटा याद रखने की जरूरत नहीं रहेगी। इसके साथ ही ई-रिपोर्ट कार्ड की भी व्यवस्था की गई है। मैन्युअल के साथ ही ई रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किए जाएंगे। जिसे पीटीएम में आने वाले अभिभावकों को भी दिखाया जा सकेगा। - रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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