माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण स्टेडियम में 23 सितंबर से बगैर आई कार्ड किसी भी खिलाड़ी और खेल से जुड़े व्यक्ति को प्रवेश नहीं मिलेगा। खेल विभाग खेल परिसरों में अकादमिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था करने जा रहा है। वहीं इन व्यवस्थाओं से परिसर में आए दिन होने वाले झगडे़ और प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली प्रतिबंधित दवाओं के प्रयोग पर भी रोक लगेगी।
इसी कड़ी में अगस्त माह में कर्ण स्टेडियम में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इस व्यवस्था के तहत खेल परिसर में नियमित अभ्यास के लिए आने वाले हर खिलाड़ी को ग्रीन कार्ड और सैर के लिए आने वालों को पीला आई कार्ड बनवाना होगा। इसके लिए सभी को निर्धारित प्रमाणपत्र कार्यालय में जमा कराने हाेंगे। जिसकी प्रक्रिया 12 सितंबर से शुरू हो जाएगी जो कि अगले 10 दिन तक चलेगी। इस प्रक्रिया के बाद 23 सितंबर से सुरक्षा कर्मी आई कार्ड की जांच करेगा और बगैर आई कार्ड किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
कुछ समय पूर्व खेल एवं युवा कार्यक्रम राज्य मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में स्पोर्ट्स एंड फिजिकल फिटनेस अथॉरिटी ऑफ हरियाणा की एक्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में कहा गया था कि कई जिलों के स्टेडियम में नियमित सैर करने वाले लोगों के कारण विभागीय प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण प्रभावित होने की शिकायतें आ रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए खेल राज्य मंत्री ने सभी खेल परिसरों की चहारदीवारी को ऊंचा कराने और मुख्य गेटों पर बगैर आई कार्ड के परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि खेलो इंडिया यूथ गेम्स की व्यस्तता के चलते आई कार्ड बनाने की प्रक्रिया में देरी हो गई।
दो फोटो, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र की प्रति कराएं जमा
अब सोमवार से अगले 10 दिन के अंदर यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिसके लिए दो फोटो, आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र की प्रति जमा करानी होगी। इन 10 दिनों में प्रशिक्षकों के नेतृत्व में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों, निजी तैर पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए ग्रीन कार्ड और स्टेडियम में सैर के लिए आने वाले सभी लोगों के लिए पीला आई कार्ड बनवाना अनिवार्य है। इस आई कार्ड के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। मगर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बगैर आई कार्ड और स्पोर्ट्स किट के स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही परिसर के अंदर बगैर आई कार्ड के पकडे़ जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्टेडियम के तीन मुख्य गेट हैं। दो मुख्य और एक पंचायत भवन की ओर, जहां होमगार्ड की तैनाती की जाएगी। जहां से आई कार्ड देखकर ही प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही कैंपस को पूरी तरह से सीसीटीवी की निगरानी में पहले ही कर दिया है। इन व्यवस्थाओं से परिसर में आए दिन होने वाले झगडे़ और खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों द्वारा प्रयोग की जाने वाली प्रतिबंधित दवाओं के प्रयोग पर भी कुछ हद तक रोक लगेगी। साथ ही विभाग द्वारा खिलाड़ियों को जागरूक करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जाते हैं। इस कदम से खेल परिसर में अनुशासन और सुरक्षा का माहौल कायम होगा।
- सत्यवीर सिंह, जिला खेल अधिकारी