करनाल। अब शहर के खाली प्लॉट की प्रॉपर्टी आईडी को टाउन के नाम और नंबर से स्व प्रमाणित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के आयुक्त नीरज कादियान ने निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने इस कार्य के लिए लाइसेंसी कॉलोनियों के प्रतिनिधियों को हिदायत जारी की है। साथ ही संबंधित कॉलोनी की सभी प्रॉपर्टी आईडी के सत्यापन में मदद करने के लिए भी आग्रह किया है।
नगर निगम आयुक्त नीरज कादियान ने प्रॉपर्टी आईडी को स्व-प्रमाणित करवाने और गीले कचरे का स्वयं निस्तारण करने जैसे विषयों को लेकर शहर की विभिन्न लाइसेंसी कॉलोनियों के प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को बैठक की।
निगमायुक्त ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी को स्व-प्रमाणित करने से नगर निगम के पास सही डाटा एकत्र होगा। दूसरी ओर इससे संबंधित संपत्ति मालिक को भी फायदा होगा। सभी प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में सभी हाउस होल्ड की प्रॉपर्टी आईडी को स्व-प्रमाणित करवाने का काम करें। इसके अतिरिक्त जो प्लॉट अभी तक नहीं बिके हैं, उन्हें वे अपने टाउन के नाम व नंबर से स्व-प्रमाणित करें। इस कार्य को शीघ्र अति शीघ्र करने के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए निगम की ओर से 21 अप्रेंटिस की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। टाऊनशिप प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस कार्य के लिए कर्मचारियों का सहयोग करें। प्रॉपर्टी आईडी स्व-प्रमाणित करवाने के लिए प्रत्येक हाउस होल्ड तक मैसेज पहुंचाया जाए, ताकि शीघ्र अति शीघ्र इस कार्य को संपन्न किया जा सके।
गीले कचरे का कॉलोनी में ही होगा निस्तारण
निगमायुक्त ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे बल्क वेस्ट जेनरेटर श्रेणी में शामिल हैं। इसके नियमों के तहत उनके परिसर से गीला कचरा बाहर नहीं जाना चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने परिसर में ही कंपोस्ट पिट बनाकर स्वयं ही गीले कचरे का निस्तारण करना है। उनके परिसर से बाहर केवल सूखा कचरा ही जाएगा और वह उसे नगर निगम के वाहन या निगम द्वारा अधिकृत एजेंसी को दे सकते हैं। अपने क्षेत्र में सभी हाउस होल्ड को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए जागरूक करें और डोर टू डोर सैग्रीगेशन के तहत अलग-अलग कूड़ा ही एकत्र किया जाए। नियमों की अवहेलना नहीं होनी चाहिए। इसके लिए निगम की स्वच्छ भारत मिशन टीम भी सभी रिहायशी सोसाइटी का समय-समय पर दौरा कर जांच करेगी।