- बनाई गोशाला, संचालन के लिए निगम तलाश रहा संस्था, शहर की गोशालाओं की भी क्षमता बढ़ाने पर चल रहा कार्य
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गगन तलवार
करनाल। कर्ण नगरी की सड़कों पर भटक रहे बेसहारा पशुओं को अब जिला जेल में भेजा जाएगा। प्रशासन की ओर से जिला जेल में गोशाला तैयार कराई गई है। यहां पर इन पशुओं को पकड़कर नगर निगम की टीम भेजेगी। गोशाला बनाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल संचालन को लेकर व्यवस्था होना शेष है। नगर निगम गोशाला के संचालन के लिए संस्था ढूंढ़ रहा है।
संस्था ही गोशाला के लिए चारा, चंदा आदि जुटाएगी। इसके साथ ही पशुओं का रख-रखाव, सफाई आदि का भी काम देखेगी। निगम अधिकारियों के अनुसार, इस गोशाला में करीब 500 पशुओं को रखा जा सकेगा। इसके अलावा फूसगढ़ स्थित नगर निगम की गोशाला की क्षमता भी बढ़ाने का कार्य जारी है।
अमर उजाला ने अगस्त माह में शहर के अलावा कस्बों और उपमंडल स्तर पर भी बेसहारा पशुओं की समस्या का मुद्दा उठाया था। इससे पहले राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में निगम अधिकारियों को इस मसले पर फटकार लगा चुके हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के अधिकारी गोशालाओं के विस्तार व शहर से पशुओं को उठाने की व्यवस्था कर रहा है।
उप निगम आयुक्त के अनुसार फूसगढ़ की गोशाला में स्वास्थ्य देखभाल के लिए चिकित्सक भी तैनात हैं। पशु पकड़ने का अभियान जारी है। लेकिन गोशालाओं में जगह न होने के कारण इन्हें रखने को लेकर समस्या है। जिला जेल में गोशाला तैयार है। केवल संचालन के लिए संस्था की ड्यूटी लगाना शेष है। शीघ्र ही यह कार्य पूरा हो जाएगा।
फूसगढ़ की दो एकड़ जमीन गोशाला में होगी शामिल
जेल में नई गोशाला बनाने के अलावा नगर निगम फूसगढ़ की गोशाला की क्षमता बढ़ाएगा। यहां पर भी 400 से ज्यादा पशुओं को और रखा जा सकेगा। नंदीशाला के साथ लगती दो एकड़ जमीन को गोशाला में शामिल किया जा रहा है। इसके बाद शहर से करीब एक हजार पशुओं को उठाकर इन गोशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा। वर्तमान में निगम की नंदीशाला में करीब 1200 छोटे और बड़े पशु हैं और इसकी क्षमता पूरी हो चुकी है।