- कर्णनगरी के 100 श्रद्धालु करेंगे भगवान राम के दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत अयोध्या के लिए दो बसें हुईं रवाना
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का लाभ कर्णनगरी के लोगों को भी मिलना शुरू हो गया है। जिले के 100 बुजुर्गों का दल भगवान श्रीराम के दर्शनों के लिए बुधवार को बस से अयोध्या रवाना हुआ। वहीं भविष्य में हर सप्ताह एसी बसें श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों पर निशुल्क दर्शन कराएंगी। इसके लिए उन्हें अपना पंजीकरण कराना होगा।
डॉ. मंगलसेन सभागार से अयोध्या जाने वाली दो वोल्वो बसों को विधायक हरविंद्र कल्याण और विधायक रामकुमार कश्यप व सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक गौरव गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भगवान राम के जयघोष के साथ यात्री रवाना हुए। वोल्वो बसों से यात्रा करके श्रद्धालु 14 जून को वापस लौटेंगे। यात्रा के दौरान उनके रहने, आने-जाने और खाने का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी।
इस दौरान श्रद्धालुओं को सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से एक-एक किट बैग भी उपलब्ध करवाया। विधायक हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि योजना के जरिए प्रदेश के लाखों श्रद्धालु धीरे-धीरे निशुल्क रूप से देश के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे। प्रदेश भर से अब तक छह एसी वोल्वो बसें सरकार की तरफ से रवाना की जा चुकी हैं और सैकड़ों यात्री अयोध्या सहित अन्य तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर चुके हैं। इस अनोखी योजना से श्रद्धालुओं की आस्था को भी सम्मान मिल रहा है।
विधायकों ने बसों में बैठे श्रद्धालुओं से बातचीत की और तमाम व्यवस्थाओं का आकलन भी किया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी पवन आर्य सरकार की तरफ से जारी हिदायतों के बारे में जानकारी दी।
पोर्टल पर कराएं पंजीकरण, मनपसंद तीर्थ की होगी यात्रा
विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि करनाल ही नहीं पूरे प्रदेश से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा के लिए अब सरकार की तरफ से हर सप्ताह बसों को रवाना किया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालुओं को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा। इस पंजीकरण के आधार पर श्रद्धालुओं को उनके मनपसंद तीर्थों के दर्शन करवाएं जाएंगे। तीर्थ यात्रा के दौरान सारा खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। जिन परिवारों की आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उनके वरिष्ठ नागरिक पंजीकरण करवा सकते हैं।
बिना पंजीकरण कराए आए पांच लोग लौटाए
बुधवार को मंगलसेन सभागार में पांच-सात लोग ऐसे भी यात्रा पर जाने के लिए पहुंच गए, जिनका पंजीकरण नहीं था और न ही विभाग की सूची में उनका नाम था। ऐसे में इन्हें लौटना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि पंजीकरण कराने के बाद यदि वे पात्र हुए तो उन्हें अगली सूची में शामिल करते हुए यात्रा कराई जाएगी। विदित हो कि चुनावों से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनाल की ही पावन धारा से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा का आगाज किया था। इस योजना के तहत 1.80 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थों के निशुल्क दर्शन करवाएं जा रहे हैं।