- जिले के छह एसटीएस सहित कार्यालय के कर्मी भी हड़ताल में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसमें टीबी विंग के सभी छह सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस), टीबी के हेल्थ विजिटर सहित डिप्टी सिविल सर्जन कार्यालय का अधिकतर स्टाफ शामिल है। जिसके चलते जिलेभर के टीबी रोगियों के साथ-साथ टीबी विंग के अधिकारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
एनएचएम की हड़ताल के कारण हेल्थ विजिटरों का गांव-गांव का दौरा बंद है, नागरिक अस्पताल करनाल, इंद्री, घरौंडा, निसिंग, असंध व नीलोखेड़ी में कार्यरत एसटीएस की ओर टीबी मरीजों की सुपरविजन भी पिछले 13 दिनों से बंद पड़ी है। ऐसे में टीबी के मरीज रोजाना अपनी दवाओं का सेवन कर रहे हैं या नहीं, का सुपरविजन बंद पड़ा है। इसके अलावा एनएचएम के तहत अकाउंटेंट लगे होने के कारण निक्षय पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक टीबी के मरीजों को दी जाने वाली 500 रुपये प्रतिमाह की पोषण सहायता भी बंद हो चुकी है।
दवा पहुंचाने का कार्य भी करते हैं कर्मी
टीबी के मरीज की एक समय या दिन की भी दवा छूट जाए तो टीबी का संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है लेकिन 13 दिन से एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। यही कर्मचारी मरीजों को दवा देते हैं। दवा खत्म होने पर मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। जिला मुख्यालय से सभी सीएचसी, पीएचसी व अन्य हेल्थ सेंटरों पर टीबी की दवा भेजी जाती है, लेकिन एनएचएम की हड़ताल के कारण कस्बों में दवा नहीं पहुंचाई जा रही है। जिसके चलते मरीजों को नागरिक अस्पताल में आकर धक्के खाने पड़ रहे हैं।