संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शनिवार को 3220 घरों में मच्छर के लार्वा की जांच की। इनमें से 21 घरों के विभिन्न स्थानों पर मच्छर का लार्वा मिला और 21 मकान मालिकों को नोटिस थमाया। वहीं, शनिवार को जांचे गए 15 सैंपलों में से कोई केस पॉजिटिव नहीं मिला है।
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की 166 टीमें कार्य कर रही हैं। टीमों ने अब तक पांच लाख 62 हजार 343 घरों को कवर कर लिया हैं। जिनमें से अभी तक 1728 घरों में लार्वा मिल चुका है और टीमों ने 687 मकान मालिकों को नोटिस थमाया है।
वहीं जिले में बुखार से पीड़ित 2028 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। जिनमें से जिले में अब तक नौ डेंगू के केस आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में जगह-जगह जलभराव एवं गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है, जिससे मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में घर के आस-पास एवं घर के अंदर मच्छरों के पनपने के स्थान या घरों के आस-पास होने वाले जल भराव, गमले एवं पशु-पक्षियों के पानी पीने के पात्र एवं घरों की छतों पर रखी अनुपयोगी वस्तुओं का समुचित निस्तारण किया जाना अति आवश्यक है। बुखार होने पर निकट के स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच एवं उपचार कराएं। स्वयं से कोई दवा लेकर सेवन न करें। संवाद
डेंगू के लक्षण व बचाव
डेंगू बीमारी की शुरुआत तेज बुखार और सिरदर्द व पीठ में दर्द से होती है। शुरू के दिनों में शरीर के जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक होता है उसके बाद शरीर का तापमान धीरे-धीरे अपने आप सामान्य होने लगता है। बुखार के साथ ही शरीर में खून की कमी होने लगती है।