छावनी नागरिक अस्पताल में दरवाजा खुला रखकर हो रहा एक्स-रे
अंबाला। छावनी के नागरिक अस्पताल के एक्स-रे रूम में करीब एक माह से महिला स्टाफ नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है।हालात ये हैं कि एक्स-रे के लिए जो भी महिला आती है तो मजबूर रेडियोग्राफर को दरवाजा खुला रखना पड़ता है।
बता दें कि करीब एक साल पहले रेडियोग्राफर पर महिला स्टाफ की मौजूदगी में ही छेड़छाड़ के झूठे आरोप लगे थे। हालांकि बाद में ऐसा कुछ नहीं पाया गया था। ऐसे में डर सताने के कारण रेडियोग्राफर और अन्य कर्मचारी कोई रिस्क नहीं ले रहे हैं। जबकि महिलाओं का एक्स-रे करते समय दरवाजा खुला रहने से बाहर बैठे दूसरे मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों तक रेडिएशन फैलने का खतरा बना रहता है। जोकि मरीजों के लिए ज्यादा ठीक नहीं होता है।
इस स्थिति में अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी के कारण हालात बिगड़े हैं बावजूद कोई सुनवाई नहीं है। जबकि पिछले दो साल से एक्स-रे रूम में महिला स्टाफ तैनात रहता है। बता दें कि रेडियोग्राफर अतुल का कहना है कि उनके तरफ से महिला स्टाफ के लिए डिमांड की गई है। केवल महिलाओं के समय में ही दरवाजा खोला रखते हैं।
दरअसल, एक्स-रे के दौरान मशीन से काफी रेडिएशन निकलती है। जबकि एक्स-रे के अलावा अल्ट्रासाउंड व एमआरआई व सीटी स्कैन की मशीन पास-पास ही है। जबकि नियमों के मुताबिक एक्स-रे के समय दरवाजे को बंद रखना चाहिए ताकि रेडिएशन दूसरे मरीजों तक न पहुंचे। वहीं, अल्ट्रासाउंड के लिए सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाएं आती है। जो 6 से लेकर 9 माह की गर्भवती होने पर महिलाएं आती है। सबसे ज्यादा यह किरणें उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
वर्जन
उनके संज्ञान में नहीं था कि दरवाजा खोलकर एक्स-रे हो रहे हैं। ऐसा है तो महिला स्टाफ रखकर तुरंत समाधान किया जाएगा।
डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, पीएमओ