माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फूसगढ़ स्थित गोशाला व नंदीग्राम में मौजूद करीब 2200 से अधिक गायों व नंदियों की देखभाल किसे दी जाए, ये तय करने के लिए नगरनिगम द्वारा गठित एक कमेटी 74 दिन बाद में भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। आखिरकार कमेटी की अध्यक्ष एवं निगम की महापौर रेनूू बाला गुप्ता ने इस पर निर्णय लेने के लिए 27 जुलाई को एक बार फिर नगरनिगम हाउस की बैठक बुलाई है। हालांकि कई सालों से इसकी देखभाल बाबा बंसी वाले संस्था कर रही थी, बीच में संस्था द्वारा असमर्थकता जताने के बाद इसकी देखरेख का कार्य अपने हाथों में ले लिया था। संभावना जताई जा रही है कि नगरनिगम बोर्ड एक बार फिर गोशाला व नंदीग्राम की देखभाल की जिम्मेदारी इसी संस्था को सौंप सकता है।
नगर निगम के उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि 10 मई 2022 को हुई नगरनिगम हाउस की बैठक में गोशाला की व्यवस्था को और बेहतर कैसे किया जाए, इसे लेकर प्रस्ताव संख्या-पांच सदन में रखा गया था। तत्कालिक तौर पर कोई निर्णय नहीं हो सका था, इसलिए सदन ने महापौर रेनू बाला गुप्ता की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। जिसमें उप महापौर नवीन कुमार, वार्ड नंबर-9 के पार्षद मुकेश अरोड़ा व अतिरिक्त आयुक्त गौरव कुमार को सदस्य और उप निगमायुक्त अरुण भार्गव सदस्य सचिव बनाया गया था। ये कहा गया था कि कमेटी जो भी निर्णय लेगी, उसे स्वीकार किया जाएगा। अब जब 22 जुलाई को हुई हाउस की बैठक में यह मुद्दा एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में लंबित प्रकरण में आया तो कमेटी ने जवाब दिया कि अभी उसकी रिपोर्ट पूर्ण नहीं हुई है। इस पर सदन ने कमेटी की जो भी सिफारशें हों, को स्वीकार करते हुए पांच लाख रुपये की एकमुश्त राशि गोशाला की आपात देखभाल के लिए स्वीकृत कर दी थी।
उप निगमायुक्त ने ये भी बताया कि बाबा बंसी वाले संस्था पहले बेहतर देखभाल कर रही थी, लेकिन संस्था के संचालक ने पिछले सप्ताह नगर निगम कार्यालय को बताया कि वह निजी कारणों से गोशाला का काम देखने में असमर्थ है। इसके बाद शुक्त्रस्वार को कमेटी के सदस्यों ने गोशाला का निरीक्षण करके वहां सफाई, लाइट व चारे संबंधी समस्याओं का निवारण कराया। बताते है कि गोशाला की सफाई का कार्य एक निजी एजेंसी को सौंपा था, जो 31 मार्च को खत्म हो चुका है। इसमें 15 सफाई कर्मी तथा 2 ट्रैक्टर-ट्राली थी, संस्था ने कर्मचारियों को वेतन की अदायगी अभी नहीं की। जिससे वेतन यथाशीघ्र न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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कमेटी ने एक बार पहले निर्णय दिया था लेकिन उसका किन्हीं कारणों से अनुपालन नहीं हो पाया था। अभी कमेटी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, इसलिए अब हाउस की बैठक में ही सर्व सम्मति से ही निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए 27 जुलाई को फिर से निगम हाउस की बैठक बुलाई गई है।
- रेनू बाला गुप्ता, मेयर नगर निगम करनाल