- आज सिविल अस्पताल पहुंचेगी एनक्वास की टीम, प्रबंधन ने की पुख्ता तैयारियां
- ठीक करवाए पंखे, नए डस्टबिन मंगवाएं, सफाई व्यवस्था की दुरुस्त
अनुज शर्मा
करनाल। सिविल अस्पताल में चार मई को ओपीडी के समय राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) की टीम पहुंचेगी। इसके लिए सिविल अस्पताल प्रबंधन करीब 20 दिनों से तैयारियों में जुटा है।
टीम आने के ठीक एक दिन पहले ट्रामा सेंटर समेत आईपीडी के अन्य वार्डों में नए-नए पर्दे लगाए गए थे। सभी बेडों पर दिन अनुसार चादरें बिछी मिली। सभी कर्मचारी अपने-अपने विभागों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करते दिखे। प्रथम तल पर डिस्पेंसरी में दवाइयों के रैक पर लगे नामों को दोबारा लगाया गया। प्रथम तल पर पंखे रखे थे। जिन्हें बिजली कर्मचारी कमरों में लगा रहे थे। सफाई कर्मी सफाई में जुटे थे। दरवाजों के शीशे, हैंडलों, कुर्सियों तक को साफ किया जा रहा था। ऐसा नजारा देख वहां आने-जाने वाले मरीज और उनके तीमारदार भी कहते नजर आए कि ऐसी व्यवस्था टीम को दिखाने के लिए नहीं बल्कि रोज मरीजों के लिए भी होनी चाहिए। संवाद
सभी विभागों के लिए मंगवाए नए डस्टबिन
टीम के आने से ठीक एक दिन पहले सिविल अस्पताल प्रबंधन ने जिन-जिन विभागों में डस्टबिन की कमियां थी। वहां के लिए नए डस्टबिन मंगवाए। जिन्हें विभागों को वितरित किया गया ताकि प्रमाणपत्र के लिए होने वाली परीक्षा में सिविल अस्पताल पास हो सके। साथ ही वार्डों में नए पर्दे तक लगवाए गए, क्योंकि कुछ दिन पहले आईं डीजी की ओर से भेजी गई टीम ने कुछ खामियां बताईं थी। जिनमें पर्दे भी थे। ऐसे में प्रबंधन ने खामियों को पूरा करवाया है।
कुछ जगह अब भी चूके
करीब 20 दिनों से सिविल अस्पताल प्रबंधन तैयारियों में जुटा है फिर भी कुछ कमियां रह गई। सभी शौचालयों के वॉशवेशन पर हाथ धोने के लिए न हैंडवॉश न ही साबुन मिले। जिससे कि मरीज वॉशरूम का प्रयोग कर अपने आपको हाइजिन कर सकें।
सिविल अस्पताल को प्रमाणपत्र देने के लिए एनक्वास की टीम अस्पताल का निरीक्षण करेगी। जिसके लिए अस्पताल तैयारियों में जुटा है। अस्पताल में कुछ खामियां थीं उन्हें ठीक करवा दिया गया है।
डॉ. रेणु चावला, पीएमओ, सिविल अस्पताल