संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जमीन के विवाद में चल रहा कोर्ट केस हारने के बाद भतीजे ने 10 अप्रैल को चाचा की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी और शव को एक गड्ढे में फेंक दिया गया था। पुलिस ने चाचा का शव उसकी बाइक समेत खेत में बने गड्ढे से बरामद किया था। पुलिस के अनुसार हत्या को हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया था। मामले में आरोपी भतीजे को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
उमरपुर निवासी रामेश्वर उर्फ रमेश के नाम उसके पिता ने 27 कनाल जमीन की थी। वहीं आरोपी भतीजा भी जमीन पर अपना हक जमा रहा था। उसने चाचा रामेश्वर उर्फ रमेश से अपने हिस्से की जमीन लेने के लिए कोर्ट में केस कर दिया, लेकिन वह जीत नहीं सका। जमीन चाचा के पास ही रही। इसके बाद भी वह चाचा को उसके हिस्से की जमीन देने के लिए कहता रहा, लेकिन चाचा के मना करने पर भतीजे ने हत्या की साजिश रची। भतीजा अपने दोस्त रिंकू के साथ चाचा के घर के पास रहने लगा। साजिश के तहत 10 अप्रैल को जब चाचा रामेश्वर दवा लेने के लिए घर से इंद्री के लिए बाइक पर निकला तो आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। रास्ते में रामेश्वर की हत्या कर दी। फिर गांव खेड़ा से आगे गढ़ी बीरबल सड़क से लगे एक खेत में बने गड्ढे में बाइक के साथ ही चाचा का शव फेंककर फरार हो गये।
परिजनों ने संदेह होने पर पुलिस से की शिकायत
परिजनों को बिंटू और उसके दोस्त रिंकू पर शक जाहिर हुआ तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव को बरामद कर 11 अप्रैल को पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से वार करने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गहनता से लिया और आरोपी की धरपकड़ के लिए टीम लगाई। 12 अप्रैल को पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर-पांच से आरोपी बिंटू को गिरफ्तार किया गया। अब आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा।