एनडीआरआई की राजभाषा कार्यान्वयन समिति को हिंदी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने और संस्थान के कामकाज में प्राथमिकता देने के लिए उत्तर-1 ‘क’ श्रेणी में प्रथम स्थान मिला है। इसके अलावा भारत सरकार के 50 से अधिक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों में भी एनडीआरआई करनाल को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। ये दोनों पुरस्कार शुक्रवार को अमृतसर के गुरुनानक देव विश्वविद्यालय के दशमेश सभागार में संस्थान के निदेशक एवं नराकास के अध्यक्ष डॉ. धीर सिंह और उपनिदेशक (राजभाषा) धीरज शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के संयुक्त सचिव से प्राप्त किया।
एनडीआरआई के पीआरओ डा. अजय कुमार डांग ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के किसी भी संस्थान को इस वर्ष दिया जाने वाला यह सर्वोच्च पुरस्कार है। उन्होंने कहा कि एनडीआरआई को यह पुरस्कार मिलने पर सभी को गर्व है। उन्होंने इसमें सभी वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों के योगदान के लिए बधाई दी। आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी सभी के सहयोग से संस्थान में हिंदी के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर कार्य किया जाएगा।
उन्होंने 50 से अधिक स्टाफ वाले संस्थान में द्वितीय पुरस्कार मिलने पर भी संस्थान के सभी पदाधिकारियों, प्रभागाध्यक्षों, अनुभागाध्यक्षों, प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को राजभाषा कार्यान्वयन में उनके अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। बता दें कि एनडीआरआई करनाल को इससे पहले राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में किए गए सर्वोच्च कार्यों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का राजर्षि टंडन पुरस्कार भी मिला था।