माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें तय किया गया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर 13 व 14 जून को प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जाएंगे, सरकार नहीं मानी प्रदेशभर में सड़कों पर उतर कर विरोध किया जाएगा।
मुख्य तौर प्रवक्ता नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य के महासचिव मांगेराम तिगरा व नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य की महिला अध्यक्ष शारदा ने कहा कि सरकार की तानाशाही से गुरुग्राम नगर निगम के 3480 सफाई कर्मचारियों का रोजगार छीना गया है। वादा खिलाफी व छंटनी के खिलाफ कर्मचारी लामबंद हैं। 13 व 14 जून को नगर निगम आयुक्त के माध्यम से निकाय मंत्री ल 21 जून को मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
राज्य के उप प्रधान वीरभान बिडलान ने कहा कि 13 व 14 जून को ज्ञापन देने के बाद यदि सरकार फिर भी नहीं मानी, मांगों के बारे में एक भी पत्र जारी नहीं किया तो फिर 21 जून मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपेंगे। उसके बावजूद भी यदि कोई कार्रवाई नहीं होती तो पूरे हरियाणा का कर्मचारी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव में कर्मचारी छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने, 29 अक्तूबर 2022 में पांच अप्रैल 2023 के समझौते को लागू करवाने, नो वर्क नो पे के काले कानून के खिलाफ तथा 24 सूत्रीय मांगपत्र का समाधान करने के लिए विरोध करेंगे। सम्मेलन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जिला करनाल के प्रधान सुशील गुर्जर व सचिव सेवाराम बड़सर व दलित मंच अधिकार के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिहंमार इकाई सचिव राजकुमार ढिल्लौड, मीना तरावड़ी, राजू निसिंग, रोशन व विक्रम असंध, कृष्ण नीलोखेड़ी, सरोज, मीणा, सुरेंद्र प्रोचा,रोशन, अनिल चनालिया, रोहतास आदि उपस्थित रहे।