कर्मबीर लाठर
करनाल। देश में कोरोना संक्रमण के फैलाव को लेकर आरोपों के घेरे में आई तबलीगी जमात का करनाल में भी नेटवर्क रहा है। अक्तूबर 2019 में घरौंडा खंड के यमुना से सटे गांव मुंडीगड़ी में तबलीगी जमात काबड़ाजलसा हुआ था। कई हजार लोग जुटे थे। तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के इस जलसे में 24, 25 व 26 अक्तूबर को हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश,आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड राज्यों से लोग आए थे। हालांकि उस वक्त कोराना वायरस भारत में नहीं था। जिसके लिए दो महीने पहले रोडमैप तैयार किया गया था। गांव के समीप सैकड़ों एकड़ जमीन में यह आयोजन हुआ।बाजार, दुकानें, पेयजल, शौचालयों इत्यादि की व्यवस्थाएं भी की गईं थी। इतने बड़े आयोजन को लेकर मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी गई थी। मौखिक तौर पर इस आयोजन का खूब प्रचार हुआ था। मरकज निजामुद्दीन मुख्यालय से मौलाना साद टूरिस्ट बस में मुंडीगढ़ी पहुंचे थे। उस बस में करीब 40 लोग सवार थे। वह सभी तीन दिन आयोजन स्थल पर ही रुके थे। दूर से ही लोगों ने उन्हें स्टेज पर बैठे देखा और उनको सुना।