- भूतल पर होगी रसोई, छत पर एक साथ 125 छात्राएं बैठ कर सकेंगी जलपान
- जिले के सबसे पुराने महाविद्यालय में अब तक नहीं थी कैंटीन, ठेले के सहारे चल रही थी व्यवस्था
गगन तलवार
करनाल। जिले के सबसे पुराने महाविद्यालय में भविष्य में छात्राओं को अन्य कॉलेजों से बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी। कर्ण नगरी का पहला बहुमंजिला ''कॉलेज कैफे'' इस महाविद्यालय में बनने जा रहा है। जिसमे भूतल पर रसोई और प्राध्यापकों का कमरा होगा। जबकि छत पर एक साथ 125 छात्राओं के बैठकर जलपान करने की क्षमता वाला बड़ा हॉल होगा। निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
वर्तमान में इस महाविद्यालय में कोई कैंटीन नहीं है। महज एक चाय के ठेले के सहारे छात्राओं के जलपान की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त अन्य खाद्य सामग्री छात्राओं और प्राध्यापकों को कॉलेज के बाहर से मंगवानी पड़ती हैं, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा। बहुमंजिला आधुनिक कैफे बनने से जहां अच्छे जलपान और खाद्य सामग्री की सुविधा तो मिलेगी ही साथ में बैठने की भी उचित और हवादार व्यवस्था होगी। प्रिंसिपल डॉ. निर्मल अत्री ने बताया कि नगर निगम की ओर से इस कैफे के निर्माण पर करीब 25 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। जल्द निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अभी जिले के किसी भी राजकीय महाविद्यालय में इस तरह की बहुमंजिला बड़ी कैंटीन या कैफे नहीं है।
पीजी खंड में बनेंगे 10 नए कमरे
कॉलेज में नए कोर्स आने के बाद पीजी यानी स्नातकोत्तर की कक्षाएं भी पहले से बढ़ गई हैं। छात्राओं को बेहतर सुविधा मिले, इसके लिए वर्तमान के एक मंजिला पीजी खंड को विस्तार करके तीन मंजिला किया जाएगा। दो मंजिल और बनाते हुए 10 नए बड़े कमरे बनाए जाएंगे। इसके बनने के बाद वर्तमान में स्नातक खंड में लगने वाली पीजी की सभी कक्षाएं यहां पर लगाई जाएंगी। रुसा की ओर से जारी 2.53 करोड़ रुपये की अनुदान राशि से ये कमरे बनेंगे। इसी राशि से कॉलेज का बहुउद्देशीय सभागार भी तैयार होगा।
नवाबों के जमाने के भवन में चल रहा कॉलेज
राजकीय महिला महाविद्यालय नवाबों के जमाने के भवन में चल रहा है। इस भवन में 1897 में डिस्पेंसरी डायमंड आई जुबली वार्ड स्थापित हुआ था, इसी वार्ड के कमरे में वर्तमान में प्रिंसिपल कार्यालय चल रहा है। 1991 तक यह को-एजूकेशन कॉलेज था लेकिन इसके बाद सेक्टर-14 में राजकीय पीजी कॉलेज बनने के बाद से यह सिर्फ बेटियों का ही कॉलेज रह गया। तब से आज तक बेटियां यहां पढ़ाई कर रही हैं।
सभागार की सांसद रखेंगे आधारशिला
कॉलेज के शाखा मैदान में बहुउद्देशीय सभागार और पीजी खंड में 10 नए कमरे बनाए जाने हैं। इसके निर्माण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मंगलवार को सांसद संजय भाटिया दोनों परियोजना की नींव रखेंगे। बहुमंजिला कॉलेज कैफे के निर्माण को सरकार से हरी झंडी मिलने के साथ ही निविदा प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जल्द इसका भी निर्माण कार्य शुरू कराएंगे।
- डॉ. निर्मल अत्री, प्रिंसिपल, राजकीय महिला महाविद्यालय।