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किशोरी को बंधुआ बनाकर किया प्रताड़ित

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पानीपत। झारखंड के खूंटी जिले से पानीपत सीडब्ल्यूसी के पास पहुंची 14 वर्षीय किशोरी के मामले की 15 दिन जांच चली। इसमें खुलासा हुआ कि यमुना एन्क्लेव के एक परिवार की सास-बहू ने किशोरी से दो साल तक बंधुआ मजदूरी कराई। उसे काम के बदले न पैसे दिए जाते थे न ही भर पेट खाना। विरोध करने पर उसके शरीर पर गर्म इस्तरी और तवा लगाकर प्रताड़ना दी जाती थी। मामले में अब सीडब्ल्यूसी ने संज्ञान लेते हुए डीएसपी मुख्यालय को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि नौ अगस्त को उनके पास सेक्टर 29 थाने की पुलिस एक किशोरी को लाई थी, जिसके शरीर पर चोट के निशान थे। उन्होंने किशोरी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह झारखंड के खूंटी जिले के एक गांव की रहने वाली है। शरीर पर मौजूद चोट के निशान के बारे में पूछने पर उसने बताया कि उसके चाचा-चाची ने गर्म इस्तरी और तवे से उसे दाग दिया है और मजूदरी करने के लिए उसे पानीपत की बस में बैठा दिया। उन्होंने खूंटी जिले की सीडब्ल्यूसी से संपर्क किया। वहां की सीडब्ल्यूसी ने जांच की तो बच्ची का नाम दूसरा मिला, जिस चाचा-चाची पर उसने आरोप लगाए थे, वह उसके असल माता-पिता निकले। पूछताछ में पता चला कि किशोरी दो साल पहले अपनी बड़ी बहन के साथ घर से निकल गई थी और उसने ही उसे पानीपत मजदूरी के लिए भेजा था, जहां उससे बंधवा मजदूरी कराकर प्रताड़ित किया गया।
बहन दिल्ली में एक मकान में करती है काम
किशोरी की बड़ी बहन दिल्ली में एक मकान में काम करती है। पानीपत सीडब्ल्यूसी ने 17 वर्षीय बड़ी बहन से संपर्क कर किशोरी के बारे में पूछताछ की तो उसने कबूल लिया कि किशोरी उसकी छोटी बहन है। उसे पानीपत बुलाया गया, लेकिन वह झांसा देती रही और पानीपत नहीं पहुंची।
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बहन का नाम आते ही बच्ची ने बताया सच
डॉ. आर्य ने बताया कि पहले किशोरी ने उन्हें नाम-पता और परिजनों के बारे में गलत जानकारी दी थी। जब वे किशोरी के सामने उसकी बहन के बारे में बातचीत कर रहे थे तो किशोरी ने सच बताना शुरू किया। किशोरी ने कहा कि वह पानीपत यमुना एन्क्लेव के एक मकान में दो साल से काम करती है। उसकी बड़ी बहन ने ही उसे यहां पर छोड़ा था। किशोरी ने कहा कि उसे आज तक काम के बदले कोई पैसा नहीं मिला। जब भी वह घर जाने या पैसों की मांग करती तो सास-बहू दोनों मिलकर उसे डंडे से पीटती हैं। गर्म इस्तरी और तवा उसके शरीर पर लगाकर जख्म देती हैं। उसे भरपेट खाना नहीं मिलता। कई बार भूखे पेट भी सोना पड़ता है।
फिर से प्रताड़ना के डर से किशोरी को बोलना पड़ा झूठ
किशोरी ने बताया कि वह प्रताड़ना से छुटकारा पाने के लिए आठ अगस्त की रात को घर से मौका पाकर निकल गई। वह रात भर यमुना एन्क्लेव के पार्क में रही। सुबह ऑटो पकड़कर सेक्टर 12 की तरफ गई, जहां एक महिला ने उसे सेक्टर 29 थाने पहुंचाया। वहां की पुलिस उसे सीडब्ल्यूसी के पास लेकर गई। ऐसे में किशोरी डर गई थी कि कहीं उसे दोबारा उसी मकान की सास-बहू के पास न भेज दिया जाए, इसलिए उसने सीडब्ल्यूसी को गलत जानकारी दी थी।
किशोरी के खुलासे के बाद की गहनता से जांच
किशोरी के खुलासे के बाद बाल कल्याण समिति ने इन सब तथ्यों की पुष्टि के लिए मानव तस्करी रोधी इकाई, पानीपत, शेल्टर होम की सामाजिक जांच, बाल सरंक्षण अधिकारी की सामाजिक जांच कराई। जांच पूरी होने के बाद डीएसपी मुख्यालय को पत्र लिख आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को पत्र लिखा है।
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- डॉ. मुकेश आर्य, सदस्य, बाल कल्याण समिति
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