अंबाला। तहसील में पहले रिकार्ड लेने के लिए काफी समय लग जाता था। इस रिकॉर्ड को वर्षों तक संभालना चुनौती थी। हरियाणा के अन्य जिलों की तर्ज पर छावनी तहसील में प्रथम तल पर आधुनिक रिकॉर्ड रूम बनाया गया है और इसमें रिकार्ड को स्थानांतरित करना भी शुरू कर दिया है।
इस रिकॉर्ड रूम में स्थापित लोहे के रैक में करीब 800 बक्सों को रखा गया है। इन बक्सों के ऊपर बार कोड भी लगा दिए गए हैं, जिससे बॉक्स पर लगे बार कोड को स्कैन कर रिकार्ड के बारे में तुरंत जानकारी मिल जाएगी। अब छावनी के लोगो को सारा जमीनी रिकार्ड एक क्लिक पर मिल जाएगा।
इससे पहले पुराने रिकॉर्ड को संभालना, सुरक्षित रखना व उसे बार-बार ढूंढना काफी मुश्किल होता था। छावनी तहसील में रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करने के लिए रिकॉर्ड को स्कैन कर आनलाइन की प्रक्रिया को पूरा कर दिया है। छावनी के अधिकतर जमीनी रिकार्ड को पहले स्केन करने के बाद उसे ई-पोर्टल के तहत ऑनलाइन करके आसान बना दिया गया।
पहले छावनी के उपमंडल कार्यालय स्थित भूतल पर कमरा नंबर 15 में तहसील का सारा रिकॉर्ड रखा जाता था। जिसे अब प्रथम तल पर आधार सेंटर व महिला एवं बाल विकास कार्यालय शहरी के कमरा नंबर 114 में शिफ्ट कर दिया।
कोट
उपमंडल कार्यालय में प्रथम तल पर कमरा नंबर 114 को अत्याधुनिक रिकार्ड रूम बनाया गया है। इस अत्याधुनिक रिकार्ड रूम में 800 लोहे के बॉक्स रखे गए है। इन लोहे के बॉक्स में दस्तावेजों को स्कैन करके रखा गया है। तथा बॉक्स के ऊपर बार कोड भी लगा दिए है। जिससे की बार कोड को स्कैन कर तुरंत ही दस्तावेजों की जानकारी मिल जाएगी। - यशवंत, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी।