रामलीला भवन में आयोजित कार्यक्रम में भगवान की पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
करनाल। दिगम्बर जैन सोसाइटी की ओर से रामलीला भवन में पंच कल्याणक महोत्सव में आचार्य 108 विनिश्चय सागर मुनिराज ने बताया कि मोबाइल का लाभ सुई की नोंक के बराबर जबकि दुरुपयोग अनंत हो रहा है। बच्चे सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं। वहीं इससे संस्कार विहीन समाज की रचना हो रही है, जो राष्ट्र, धर्म, समाज और परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि भेद विज्ञान बताता है कि शरीर और आत्मा दोनों पृथक-पृथक होते हैं। आत्मा शाश्वत व शरीर क्षण भंगुर होता है। आचार्य श्री ने बताया कि कर्मों का पूर्ण क्षय/समाप्त होना ही मोक्ष है। संवाद