हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि हमारी हरियाणा सरकार से मांग है कि मुरथल प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि इस प्रकरण में कुछ सच्चाई है तो दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। इसके साथ-साथ हरियाणा सरकार थोड़ी-थोड़ी मुआवजा राशि देकर पीड़ित व्यापारियों से मजाक कर रही है। इसके कारण पीड़ित व्यापारी व प्रदेश के व्यापारियों में नाराजगी है। खुद सरकार 35 हजार करोड़ का नुकसान बता रही है और सरकार ने 1537 पीड़ित व्यापारियों को सिर्फ अब तक 22 करोड़ 36 लाख 91 हजार 901 रुपये राशि देने की घोषणा की है, जो उचित नहीं है।
करनाल क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार ने उपद्रवियों द्वारा लूटपाट व आगजनी की पूरी भरपाई 15 दिन के अंदर करने की घोषणा की थी, मगर आज 12 दिन हो जाने के बावजूद पीड़ित व्यापारियों को मुआवजा राशि ठीक ढंग से नहीं मिल रही है। पीड़ित व्यापारियों को पांच साल के लिए बिना ब्याज का लोन दिया जाए। इसमें छोटा बड़ा व्यापारियों के चार स्लैब दो लाख, 10 लाख, 25 लाख व 1 करोड़ रुपये दिये जाये।
व्यापारी व उद्योगपतियों को किसानों की तर्ज पर पांच प्रतिशत ब्याज पर लोन दिया जाये व जिन व्यापारियों की दुकान, शोरूम, स्कूल जला है उनके यहां जो भी कर्मचारी काम करता है उनको आंदोलन चलने से लेकर जब तक उसका व्यापार व स्कूल ना चालू हो, उनके कर्मचारियों की वेतन का मुआवजा दिया जाये। अगर सरकार ने अपने वायदे के अनुसार 15 मार्च तक पीड़ित व्यापारियों को पूरा मुआवजा नहीं दिया तो 17 मार्च को पूरा हरियाणा बंद रहेगा।
इस अवसर पर व्यापार मंडल प्रदेश प्रवक्ता किशोर नागपाल, जिला प्रधान जेआर कालरा, उपप्रधान कलयश मक्कड़, कोष्याध्यक्ष जय गोपाल, प्रदीप जुनेजा, जगदीश तायल, राम लाल अग्रवाल, लेखराज गर्ग, श्याम मालाबार आदि मौजूद रहे।