संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मुक्केबाजी में अपनी प्रतिभा के दम पर बॉक्सर मनीष नए खिलाड़ियों के लिए मिशाल बने हैं। वह अपने निरंतर अभ्यास से अपनी प्रतिभा को निखार रहे हैं।
मनीष ने बताया कि जब उसने मुक्केबाजी शुरू की तो वह महज 14 साल का था। उस समय परिवार के सहयोग से मुक्केबाजी का शौक चढ़ा और निरंतर अभ्यास से प्रतिभा को निखारा। मुक्केबाजी के दौरान चोटिल होने के कारण उन्होंने एक साल के लिए अभ्यास छोड़ दिया। बाद में युवा मुक्केबाज निशांत देव से प्रेरित होकर यह शौक जुनून में बदल गया और प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। मुक्केबाजी के निरंतर अभ्यास के लिए पिता राजेश व मां शीला देवी का भी सहयोग मिला। अब वह दयाल सिंह कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ कर्ण स्टेडियम में कोच सुरेंद्र चौहान से मुक्केबाजी के गुर सीख रहे हैं। वहीं कोच कीमत सिंह भी उन्हें मुक्केबाजी की बारीकियां सिखा रहे हैं।