समाज में कई महिलाएं हैं जो अपने जीवन में साहस का परिचय देकर शक्ति स्वरूपा बन गई हैं। लाख मुश्किलों से हार नहीं मानकर समाज से लड़कर स्वयं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ सशक्त भी बनी हैं। ई-रिक्शा चालक ममता भी उनमें से एक हैं। ममता ने बताया कि वह काफी सामान्य परिवार से संबंध रखती हैं। बचपन से काफी संघर्ष देखने को मिला। वह पिछले 11 साल से ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि 11 साल पहले अधिक शराब पीने के कारण पति का निधन हो गया था। पति के निधन के बाद घर से निकलना बहुत जरूरी हो चुका था। पांच बेटियां और एक बेटा है। जिनकी शिक्षा व अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए ई-रिक्शा चालक बनी। उन्होंने बताया कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं लेकिन पुरुषों की तरह कमाना अच्छे से जानती हैं। उन्होंने कहा कि आज कई महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं लेकिन जरूरी है कि इन मुश्किलों से लड़कर स्वयं को सशक्त किया जाए ताकि पति पर अपनी जरूरतों के लिए निर्भर न रहना पड़। वर्तमान में ममता ने एक बेटी की शादी कर चार बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं।