करनाल। पतंजलि योग समिति करनाल की ओर से सेवा समिति आश्रम अर्जुन गेट में लगाई जा रही दिव्या योग कक्षा में साधकों को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। योग शिक्षक शमशेर सिंह नैन ने कहा कि योग को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाएं, हर दिन कम से कम 10 मिनट तक योग जरूर करें। योग करने से न केवल व्यक्ति तनावमुक्त रहता है बल्कि स्वास्थ्य रहता है।
उन्होंने कहा कि यदि माता-पिता के चरण स्पर्श करते हैं तो आयु, यश, विद्या एवं बल में वृद्धि होती है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में जीवन शैली का वर्णन है। इसलिए योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। योग व व्यायाम से मनुष्य अपने जीवन को लंबा व स्वस्थ जी सकता है। योग मात्र साधना नहीं बल्कि एक प्राकृतिक उपचार भी है। जिसे जीवन में उतारने से दवाओं से दूर रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी भयानक रोगों में सिर्फ योग व प्राणायाम ही एकमात्र साधन है। जिसके माध्यम से शरीर को पूरी तरह से स्वस्थ रखा जा सकता है। इन रोगों से बचने के लिए आठ प्राणायाम, आठ सूक्ष्म व्यायाम व आठ आसनों को नित्य प्रति अपने जीवन में अपनाकर भयंकर बीमारियों से निजात पाई जा सकती है। इस मौके पर रिंपी, लक्ष्मी चोपड़ा, सविता नारंग, अंजू अरोड़ा, पूनम, नीरू गुप्ता व वंशिका मौजूद रहे।