करनाल। स्वामी तुरियानंद संस्था की ओर से रविवार को शिव मंदिर प्रेमनगर में गद्दी नशीन श्री श्री 1008 स्वामी विवेकानंद गिरी महाराज की अध्यक्षता में समागम व भंडारे का आयोजन हुआ। समागम आध सतगुरु ब्रह्मलीन 1008 स्वामी तुरियानंद महाराज व ब्रह्मलीन श्री 1008 स्वामी अचलानंद गिरी महाराज की स्मृति में हुआ। स्वामी विवेकानंद ने प्रवचन करते हुए कहा कि महाभारत को शास्त्रों का पांचवां वेद कहा जाता है। इसके रचयिता महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास थे। सुरेंद्र मोहन गाबा व मोहन कटारिया ने भजन गाकर सभी को भावविभोर किया। संस्था के प्रधान ओमप्रकाश अरोड़ा, उपप्रधान महेंद्र पाल ढल्ल, महासचिव प्रवीन वधावन, कोषाध्यक्ष अमित वत्ता आदि उपस्थित रहे। संवाद