करनाल। मां झंडेवाली सेवा समिति की ओर से श्री सेवा समिति आश्रम में मां झंडेवाली की चौकी का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र के छठे दिन मां का गुणगान करते हुए शामली के गायक पवन कपूर ने ताली मीठी मीठी तो बजाओ भक्तों मेरा ताली बजाण नू जी करदा, सब के कारज पूरे कर दे, सब भक्तों की झोली भर दे। श्री राम दीवाना हो देखो बजरंग बली, बजरंग बली बजरंग बली गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
चौकी में माता के भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे। शनिवार को माता की चौकी में विशेष अतिथि के रूप में संजय चावला, डा. जीडी शर्मा, डा. दिप्ती और डा. संजीव अरोड़ा पहुंचे। मां की ज्योत मेघराज गर्ग ने प्रचंड की। मां की आरती विजय उप्पल ने की। मां का चोला अर्पण विपिन आहुजा ने किया। माता का शृंगार डा. राकेश दुआ, डा. विधि, डा. साहिल अरोडा, पार्षद ईश गुलाटी, अनिल मदान, कैलाश, अनिल रहलन, संजीव खुराना, डा. राकेश मित्तल और दिनेश बख्शी ने किया। इस अवसर पर मां झंडेवाली सेवा समिति के प्रधान कमल मुंजाल, जुगल बठला, शशी टंडन, देवी दयाल, डा. एएस पुरी, चंद्रवीर भाटिया, नरेश शर्मा और महेश गुलाटी उपस्थित रहे।
माए नी बड़ा चंगा लग दा है, जो भी मंगदा झट मन लेदी है
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आदि शक्ति मां झंडेवाली सेवा समिति की ओर से सेक्टर-14 के श्रीकृष्णा मंदिर में आयोजित मां झंडेवाली की चौकी के छठे दिन मां झंडे वाली के भजनों पर भक्त खूब नाचे।
शनिवार को मां की ज्योत श्रद्धालु मदन चौधरी ने प्रचंड की। मां झंडेवाली का गुणगान करते हुए सोनीपत के गायक जुगल हंस ने ‘मंगा मेरियां नू झट मन लेदी हैं, माए नी बड़ा चंगा लग दा है, जो भी मंगदा झट मन लेदी है’ गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। विशिष्ट अतिथि सुभाष और नगर पार्शद ईश गुलाटी रहे। मां का शृंगार वरिंद्र ग्रोवर, अनिल त्रिखा, कपूर इलेक्ट्रिकल्स, धीरज कालरा, भावना श्रीवास्तव, मदन लूथरा, संजय गर्ग, हंसराज कपूर, श्याम सलोना कीर्तन मंडल और दुष्यंत छाबड़ा ने किया। मां की आरती राकेश नागपाल ने की। शनिवार को माता की चौकी के दौरान आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मां झंडेवाली की आरती वरिंद्र अरोड़ा ने की। इस अवसर पर प्रधान राजेश लांबा, राजेश शर्मा, ललित भोरा, श्याम बतरा, हरीश भूटानी, हेमंत गुलाटी, राहुल भटनागर, ममता नागपाल, कविता भोगरा, सुनीता गुंबर, सुधा चुंघ, सुनीता अरोड़ा, साक्षी भटनागर, रचना नारंग,नीलम अरोड़ा, रेनू सचदेवा और दिया छाबड़ा का योगदान रहा।