माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पिछले सात सालों में वर्ष 2024 का जुलाई महीना प्यासा निकल रहा है, हालांकि बुधवार को अंतिम दिन बारिश की संभावना है। 30 जुलाई तक इस माह सिर्फ 58.9 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले सात सालों में सबसे कम है। मंगलवार को 16 एमएम बारिश दर्ज की गई लेकिन करनाल शहर सूखा ही रहा। आसपास के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखी गईं। जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
मंगलवार की सुबह तेज धूप की तपिश के साथ हुई। उमस के कारण लोग सुबह से बेहाल दिखे लेकिन दोपहर आसमान पर बादलों का घेरा बना और शहर में भी बूंदाबांदी शुरू हुई। हवा में ठंडक से लोगों को राहत मिली। जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं कहीं झमाझम बारिश हुई है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान की जिला मौसम वेधशाला में मंगलवार को अधिक तापमान 34.2 दर्ज किया गया, जो सोमवार को 36.2 डिग्री सेल्सियस था। न्यूनतम तापमान में कोई बदलाव नहीं आया। वह 28.2 डिग्री सेल्सियस ही रहा। जिससे लोगों को रात को गर्मी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 31 जुलाई और एक अगस्त को जिले में कहीं कहीं हल्की तो कहीं कहीं तेज बारिश की संभावना है। जिसके कारण अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट की संभावना है। बारिश टुकड़ों में छितराव की स्थिति में हो सकती है। जिसका फायदा धान की फसल को होगा। क्योंकि बारिश कम होने के कारण किसानों को धान की फसल को बचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष (जुलाई माह) वर्षा (एमएम में)
2017 56.6
2018 549
2019 244.8
2020 440.6
2021 668.1
2022 472
2023 390
2024 (अब तक) 58.9