संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ‘प्रभु मुझे बता दो चरणों में कैसे आऊं, माया के बंधनों से छुटकारा कैसे पाऊं’ भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। मौका था श्रीराम मंदिर सेक्टर 8 में चल रहे भागवत कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह का। अन्नू खट्टर ने मंगल गीत ‘मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो, ऐसा सजा दो मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो’। ‘तूने सीटी क्यों बजाई, मैं तो आ रही थी’। ‘बन्नो तेरी अखियां सूरमेदानी’ गाकर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
शुक्रवार को आचार्य राजीव लोचन मिश्र ने गोपी-उद्धव संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि भवसागर से पार जाने के लिए कथा ही एकमात्र सुगम साधन है। भगवत कथाओं से ही हमें भगवान के विषय में ज्ञान होता है और ज्ञान होने के बाद ही हमारी भगवान के चरणों में प्रीति होती है, जैसे संसार में भी किसी के स्वभाव और प्रभाव की जानकारी के बिना हमारा उसमें सहज प्रेम नहीं होता, ऐसे ही भगवान में भी नहीं होता है। अत: जीवन में कथा सत्संग अत्यंत आवश्यक है। जब हम मन सहित दसों इंद्रियों से भगवान की सेवा में समर्पित हो जाते हैं तब कृष्ण रस का आस्वादन करते हैं। यही महारास का तात्पर्य है, जो अपनी समस्त इंद्रियों से कृष्ण रस का पान करे वह हर जीव गोपी है। कथा आदि सुनकर भगवत मिलन का अधिकार प्राप्त होने के पश्चात ही भगवान हमें स्वीकार करते हैं, यही महारास का उद्देश्य है। ‘राधा नाचे मोहन नाचे, नाचे गोपीजन, मन मेरो बन गया सखी री पावन वृंदावन’ आदि भजन सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।
इस अवसर पर अशोक मदान, वेद दुआ, संजय बत्रा, महेंद्र मोहन बत्रा, डा. केएल डांग, कृष्ण लाल मुखीजा, जगन बत्रा, तारा चौधरी, अमित चौधरी, बलदेव मुखीजा, कृष्ण लाल बत्रा, राजेश चंद्र, आर्य सरोज दुआ, विमला भूटानी, मदनलाल भूटानी, सरोज शर्मा, सतीश शर्मा, श्याम धमीजा, संजय बरेजा, विभा बत्रा, ऊषा बत्रा, कृष्णा तनेजा, मीनू इशपूनानी, सीमा इश्पुनानी, राज कुमारी, सरिता तनेजा, राजरानी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।