करनाल। गांव जुंडला के बाला सुंदरी मंदिर में आयोजित भगवान शिव कथा के विश्राम अवसर पर साध्वी सुश्री सरोज भारती ने प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन केवल एक पौराणिक घटना नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का शाश्वत प्रतीक है। जब आत्मा अपने भीतर के अंधकार को त्याग देती है, तभी वह ईश्वर के सत्य स्वरूप को पहचान पाती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार माता पार्वती ने अनेक जन्मों तक अटूट श्रद्धा और तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्राप्त किया, वैसे ही प्रत्येक साधक को भी अपने जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। संवाद