117...मूनक राजपूत धर्मशाला में चल रही राम कथा में प्रवचन करते ब्रिजेश तिवारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। गांव मूनक स्थित राजपूत धर्मशाला में चल रही राम कथा के छठें दिन कथावाचक ब्रिजेश तिवारी ने सीता स्वयंवर प्रसंग का वर्णन किया। कथावाचक ब्रिजेश ने बताया कि मिथिला नरेश राजा जनक के पास भगवान शिव का विशाल धनुष सुरक्षित रखा हुआ था। राजा जनक ने प्रतिज्ञा की थी कि जो इस धनुष को उठाकर उस पर बाण चढ़ाएगा, वही उनकी पुत्री सीता का वर बनेगा। स्वयंवर में अनेक राजाओं ने प्रयास किया, लेकिन धनुष को कोई उठा न सका। इसी दौरान गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पर श्रीराम ने धनुष को उठाया और उस पर बाण चढ़ाते ही वह टूट गया। इसके बाद माता सीता ने प्रभु श्रीराम को वरमाला पहनाईं और स्वयंवर संपन्न हुआ। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भजन और जयकारों में लीन हो गए।